14 महीने से वेतन नहीं मिलने पर सड़कों पर उतरे वोकेशनल शिक्षक, CM आवास के बाहर किया प्रदर्शन
“झारखंड के 2,000 से अधिक वोकेशनल शिक्षक 14 महीने से बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे. शिक्षकों ने आर्थिक संकट का हवाला देते हुए सरकार से जल्द समाधान और मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात की मांग की है.”

झारखंड में वोकेशनल शिक्षकों का लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक राजधानी पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया. शिक्षकों का कहना है कि पिछले 14 महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं. कई शिक्षकों ने दावा किया कि परिवार का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है. उनका आरोप है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपने और बातचीत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया. इसी कारण शिक्षकों ने सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए प्रदर्शन का रास्ता चुना. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जल्द वेतन भुगतान और सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब की मांग की.
वेतन भुगतान की मांग को लेकर बढ़ा शिक्षकों का आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है. कई शिक्षकों ने बताया कि उन्हें घरेलू खर्चों के साथ-साथ बैंक ऋण, किराया और अन्य वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है. उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाने का फैसला लिया.
मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग पर अड़े शिक्षक
प्रदर्शनकारी शिक्षकों की मुख्य मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधी मुलाकात है. उनका कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे राज्य सरकार के समक्ष रखना चाहते हैं. शिक्षकों के अनुसार, जब तक उन्हें वेतन भुगतान को लेकर स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील भी की है.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन की स्थिति पर नजर
प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर तैनात रही और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की. प्रशासन का प्रयास है कि शिक्षकों की मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.


