नेपाल में निकली ‘राजदूत’ की वैकेंसी! नेपाल सरकार ने जनता से मांगे आवेदन
नेपाल सरकार ने राजनयिक नियुक्तियों में बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार राजदूत पद के लिए खुले आवेदन आमंत्रित किए हैं. भारत समेत 17 देशों में खाली पदों को भरने के लिए योग्य नेपाली नागरिक और विशेषज्ञ आवेदन कर सकते हैं.


नेपाल की बालेन शाह सरकार ने कूटनीति के क्षेत्र में एक ऐसा कदम उठाया है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. नेपाल के इतिहास में पहली बार, विदेश मंत्रालय ने राजदूतों की नियुक्ति के लिए आम लोगों और विशेषज्ञों से सीधे आवेदन और सुझाव मांगे हैं. मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या राजदूत जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां खुली प्रतिस्पर्धा के जरिए होनी चाहिए या इन्हें केवल अनुभवी और विशेषज्ञ लोगों तक सीमित रखा जाना चाहिए. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नेपाल के कई महत्वपूर्ण देशों में राजदूतों के पद खाली पड़े हैं, जिनमें भारत, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे रणनीतिक रूप से अहम देश शामिल हैं. ऐसे में सरकार का यह कदम देश की विदेश नीति और राजनयिक नियुक्तियों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
भारत समेत 17 देशों में खाली हैं राजदूतों के पद
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल 17 देशों में नेपाल के राजदूतों के पद खाली पड़े हैं. इसके अलावा, अगस्त के अंत तक सात और मिशनों में मौजूदा राजदूतों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिससे कुल खाली पदों की संख्या 24 तक पहुंच सकती है. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 5 जून रखी गई है.
हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि चुने गए उम्मीदवारों को किन देशों में नियुक्त किया जाएगा. पहले, उपलब्ध पदों से संबंधित देशों की सूची मंत्रालय की वेबसाइट पर थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। इस प्रक्रिया के तहत, आम नागरिक, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले लोग आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक उम्मीदवार विदेश मंत्रालय को ईमेल के जरिए अपने आवेदन भेज सकते हैं.
कौन कर सकता है आवेदन और क्या है योग्यता?
राजदूत पद के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को नेपाली नागरिक होना अनिवार्य है और उसकी उम्र कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए. इसके अलावा, आवेदक को किसी सरकारी सेवा से बर्खास्त नहीं किया गया होना चाहिए और न ही उसे भविष्य की सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किया गया हो. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदक के पास किसी अन्य देश की स्थायी या अस्थायी नागरिकता से जुड़े इमिग्रेशन लाभ नहीं होने चाहिए. साथ ही, भ्रष्टाचार या नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध में दोषी व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकेगा. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति विज्ञान, कानून, अर्थशास्त्र, लोक प्रशासन या किसी संबंधित क्षेत्र में मास्टर्स या उससे उच्च डिग्री होना जरूरी है. इसके साथ ही, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार या बहुपक्षीय वार्ताओं से जुड़े विशेष प्रशिक्षण या प्रमाणन को अतिरिक्त योग्यता माना जाए.
अनुभव को भी मिलेगी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उम्मीदवारों को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारी, राजनयिक, कॉरपोरेट, गैर-सरकारी या सार्वजनिक सेवा संगठनों में वरिष्ठ पदों पर काम करने का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताओं, संधि निर्माण और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे में काम करने का ठोस अनुभव भी उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होगा. नेपाल की विदेश नीति से जुड़े विषयों पर शोध, अकादमिक लेखन और विद्वतापूर्ण योगदान को भी एक अतिरिक्त लाभ के रूप में देखा जाएगा. नेपाल सरकार का यह कदम देश की राजनयिक नियुक्तियों में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.

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