त्योहारों में किस नियम के तहत काट रहे बिजली, हाईकोर्ट ने सरकार और विभाग से मांगा जवाब
Ranchi : रांची में किसी भी धार्मिक समुदाय के जुलूस और शोभायात्रा निकाले जाने पर घंटों तक लाइट काट दी जाती है. 1 अप्रैल को सरहुल के दिन भी राजधानी में 10 घंटे से अधिक लाइट काटी गई थी. इसपर अब झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन के कोर्ट ने इसपर स...


Ranchi :
रांची में किसी भी धार्मिक समुदाय के जुलूस और शोभायात्रा निकाले जाने पर घंटों तक लाइट काट दी जाती है. 1 अप्रैल को सरहुल के दिन भी राजधानी में 10 घंटे से अधिक लाइट काटी गई थी. इसपर अब झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन के कोर्ट ने इसपर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और बिजली विभाग से जवाब मांगा है.
क्या है वैकल्पिक उपाय
हाईकोर्ट ने हेमंत सरकार और बिजली विभाग दोनों से यह बताने को कहा है कि आखिर कौन सा वह नियम है जिसके तहत जुलूस निकाने जाने पर 10-10 घंटे तक राजधानी की बिजली काट दी जा रही है. हाईकोर्ट ने पूछा कि बिजली काटे जाने के बाद शहर में रहने वाले आम लोगों को जो परेशानी होती है उससे निजात दिलाने के लिए क्या वैकल्पिक उपाए किए जाते हैं.
9 अप्रैल को जवाब दाखिल करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने सभी बिंदुओं पर नौ अप्रैल तक सरकार और ऊर्जा विभाग को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि सरहुल के दिन दोपहर 2 बजे से रात के 12 बजे तक राजधानी में लाइट काट दी गई थी. जुलूस और शोभायात्रा निकलने से पहले लाइट काटी गई थी और जुलूस लौटने के बाद लाइट दी गई थी. इसी तरह रामनवमी के दिन भी बिजली काट दी जाती है. सभी सड़कों से जुलूस लौटने के बाद बिजली आपूर्ति की जाती है.

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