तेलंगाना सुरंग हादसा: 36 घंटे से फंसे गुमला के मजदूर, सीएम हेमंत ने कहा हमारे अधिकारी संपर्क में
तेलंगाना सुरंग हादसे: 36 घंटे से फंसे मजदूर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बचाव अभियान तेज – झारखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं पंजाब के श्रमिकों की जान पर संकट, और स्वजन में भारी चिंता के बीच प्रशासन ने हर संभव प्रयास करने का आदेश जारी किया


तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले में स्थित श्रीशैलम में निर्माणाधीन टनल की छत ढहने से शनिवार सुबह भयंकर हादसा हो गया. इस हादसे में कुल आठ मजदूर फंस गए, जिनमें से चार मजदूर झारखंड के गुमला जिले के निवासी हैं. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय मजदूरों के परिवार में दहशत फैल गई है.
बचाव दल की स्थिति
हादसे के 36 घंटे बीत जाने के बावजूद भी रविवार की रात तक फंसे मजदूरों से बचाव दल का कोई ठोस संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है. स्वजन अनहोनी की आशंका जताते हुए काफी चिंतित हैं. बचाव दल ने टनल में प्रवेश किया है, लेकिन अभी तक अंदर की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे राहत कार्य में बाधाएँ आ रही हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रियता
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेमंत रेड्डी से फोन पर बात कर मामले की जानकारी ली. सोरेन ने तुरंत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आदेश दिया. राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने भी घटना की स्थिति की पूरी जानकारी लेते हुए बताया कि फिलहाल एनडीआरएफ की टीम बचाव अभियान में जुटी हुई है. टनल में झारखंड के गुमला के अलावा उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के श्रमिक भी फंसे हुए हैं.
फंसे मजदूरों की जानकारी
गुमला के नकटी टोला गांव से श्रीशैलम प्रोजेक्ट में काम करने वाले कुल 40 मजदूरों में से ये 4 मजदूर हादसे का हिस्सा बने हैं.
परिजनों की प्रतिक्रिया और प्रशासन की अपील
मजदूरों के परिजनों ने बताया कि ये सभी श्रमिक पिछले तीन-चार वर्षों से तेलंगाना में स्वेच्छा से कार्यरत हैं और वर्ष में एक बार अपने गांव लौट आते हैं. हादसे की खबर से परिजनों में भारी चिंता छा गई है, जबकि वे अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने परिवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और उपायुक्त गुमला द्वारा लगातार स्थिति की जानकारी ली जा रही है.
अभी तक की स्थिति
अधिकारी पुष्टि करते हैं कि एनडीआरएफ की टीम ने टनल में प्रवेश किया है, परंतु अभी तक फंसे मजदूरों से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका है. प्रशासन द्वारा सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकाला जा सके.
अभी बचाव कार्य जारी है और संबंधित अधिकारियों द्वारा फंसे मजदूरों की स्थिति की निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं.

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