TMC में बढ़ी बगावत? दिल्ली में 14 सांसदों की शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात, सुखेंदु शेखर के इस्तीफे से मचा सियासी भूचाल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को घटनाक्रम तेजी से बदला और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक साथ दो बड़े झटके लगने की चर्चा शुरू हो गई. एक ओर दिल्ली में पार्टी के कई सांसदों की वरिष्ठ भाजपा नेताओं और शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबरें सामने आईं

New Delhi: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को घटनाक्रम तेजी से बदला और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक साथ दो बड़े झटके लगने की चर्चा शुरू हो गई. एक ओर दिल्ली में पार्टी के कई सांसदों की वरिष्ठ भाजपा नेताओं और शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबरें सामने आईं, तो दूसरी ओर कोलकाता में ममता बनर्जी के करीबी नेता फिरहाद हकीम ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की. इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. इसी बीच राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे ने भी राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. हालांकि TMC की ओर से अभी तक इन मुलाकातों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के भीतर बढ़ती असहजता और संभावित असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
दिल्ली में 14 सांसदों की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों और भाजपा नेताओं के बीच अहम बैठक हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां पहुंचे और सांसदों से मुलाकात की. बैठक में भाजपा नेता और पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लब देब की मौजूदगी की भी चर्चा है. जानकारी के मुताबिक, बर्दमान पूर्व की सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार के सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम के सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा के सांसद अरूप चक्रवर्ती समेत कई सांसद पहले से वहां मौजूद थे. सूत्रों का दावा है कि बाद में कुल 14 सांसदों ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. हालांकि इन मुलाकातों के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे ने बढ़ाई अटकलें
राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को राज्यसभा सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस दोनों से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के कुछ सांसदों ने दिल्ली में उनसे मुलाकात की, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं. सुखेंदु शेखर रॉय लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का संसद में प्रमुख चेहरा रहे हैं. उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस कदम का असर आने वाले दिनों में पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर पड़ सकता है.
कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी से मिले फिरहाद हकीम
दिल्ली में जारी राजनीतिक हलचल के बीच कोलकाता में भी एक अहम मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा. ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और पूर्व कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच विधानसभा परिसर और बाद में अलग से भी बातचीत हुई. हालांकि फिरहाद हकीम ने इसे सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बताया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मान रहे हैं. हाल ही में हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद उनकी यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है.
तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर चुके विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी कई बातों से वे सहमत हैं. उन्होंने कहा कि संसद की कार्यप्रणाली को लेकर सुखेंदु शेखर ने जो सवाल उठाए हैं, वे पूरी तरह उचित हैं. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि सुखेंदु जैसे वरिष्ठ सांसद को हाशिये पर धकेलना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर असंतोष सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है. उनके मुताबिक, "आज सुखेंदु ने आवाज उठाई है, कल दूसरे लोग भी ऐसा कर सकते हैं." इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

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