करमटोला रेलवे स्टेशन पर 400 रैक लोडिंग मजदूरों की हड़ताल, 11 दिन से मजदूरी नहीं मिलने का दावा
साहिबगंज के करमटोला रेलवे स्टेशन पर रैक लोडिंग का काम करने वाले करीब 400 मजदूर मजदूरी भुगतान और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. मजदूरों का दावा है कि 11 दिनों की मजदूरी अब तक नहीं मिली है.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट -
साहिबगंज:- करमटोला रेलवे स्टेशन पर रैक लोडिंग का काम करने वाले करीब 400 मजदूर गुरुवार को हड़ताल पर चले गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है और पिछले 11 दिनों के काम का पैसा अब तक बकाया है। मजदूरों और सरदारों का कहना है कि पहले साप्ताहिक भुगतान की बात कही गई थी, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके अलावा रैक लोडिंग प्वाइंट पर रोशनी, पेयजल, शौचालय और प्लेटफॉर्म जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया गया है। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित कंपनियों के मैनेजर उनके साथ बैठक कर बकाया भुगतान और सुविधाओं को लेकर ठोस पहल नहीं करते, तब तक रैक लोडिंग का काम बंद रहेगा।
11 दिन की मजदूरी बकाया होने का दावा
मजदूरों के मुताबिक करमटोला रैक लोडिंग प्वाइंट पर अलग-अलग कंपनियों के लिए काम किया जाता है। उनका दावा है कि करीब 11 दिनों की मजदूरी का भुगतान लंबित है। सरदार मो. शमशाद, वकील समेत अन्य लोगों ने कहा कि बकाया राशि मिलने तक मजदूर काम पर वापस नहीं लौटेंगे। मजदूरों ने यह भी मांग की कि उन्हें रोजाना काम के बाद मजदूरी का भुगतान किया जाए।
3400 रुपये प्रति वैगन भुगतान की बात
श्रमिकों ने बताया कि फिलहाल एक वैगन की लोडिंग के लिए करीब 3,400 रुपये मजदूरी मिलती है। उनका कहना है कि काम की मात्रा और मेहनत को देखते हुए मजदूरी बढ़ाने की जरूरत है। मजदूरों का कहना है कि रोजाना काम करने और रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए उन्हें समय पर भुगतान मिलना जरूरी है। साप्ताहिक भुगतान का भरोसा दिए जाने के बावजूद समय पर पैसा नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है।
रात में अंधेरा, पानी और शौचालय की समस्या
मजदूरों ने रैक लोडिंग प्वाइंट पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर रैक लोडिंग का काम होता है, लेकिन रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। इससे बोगियों में सामान लोड करने के दौरान परेशानी होती है। इसके अलावा पीने के पानी और शौचालय की सुविधा भी पर्याप्त नहीं होने की बात मजदूरों ने कही है।
धूल से परेशानी, पानी का छिड़काव नहीं
श्रमिकों के अनुसार लोडिंग प्वाइंट पर धूल की समस्या भी बनी रहती है। उनका कहना है कि काम के दौरान धूल उड़ती है, लेकिन नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता। मजदूरों ने लोडिंग क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था के साथ साफ-सफाई और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
मैनेजरों से वार्ता तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
मजदूरों ने कहा कि करमटोला में सीटीएस, कन्हैया सेठ, ट्विंकल, पटना, करीम शेख, कुंदन, पहाड़िया सेठ समेत अन्य के रैक लोडिंग का काम होता है। श्रमिकों की मांग है कि संबंधित सभी कंपनियों के मैनेजर मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत करें और बकाया मजदूरी के भुगतान के साथ सुविधाओं पर निर्णय लें। मजदूरों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर मो. शमशाद, वकील, अप्पू, रिफाज, मैनुल, राजुल, टिंकू, जाकिर, अमित कुमार समेत बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।



