टूटे पुल से गुजरी राजधानी एक्सप्रेस, मेमू ट्रेन समय रहते रोकी गई, बड़ा रेल हादसा टला
जिले में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस के सुरक्षित गुजर जाने के बाद खतरे का पता चला.

Lohardaga: जिले में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस के सुरक्षित गुजर जाने के बाद खतरे का पता चला. इसके तुरंत बाद रांची से लोहरदगा आ रही मेमू ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई.
जानकारी के अनुसार, कोयल नदी पर बने रेलवे पुल से राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस के गुजरने के बाद रेलवे स्टाफ ने पुल का निरीक्षण किया. जांच में सामने आया कि पुल के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. पुल का पांच नंबर पिलर पहले से मरम्मत के दौर में था, जिसमें नई दरारें दिखाई दीं, जबकि चार नंबर पिलर में भी दरार नजर आई. इस स्थिति को देखते हुए तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए.
इसी दौरान रांची से चंदवा-टोरी जा रही मेमू ट्रेन संख्या 68027 लोहरदगा स्टेशन के नजदीक पहुंच रही थी. रेलवे कर्मियों ने समय रहते सिग्नल देकर ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया. यदि ट्रेन पुल पर पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
यात्रियों को पैदल पार कराया गया पुल
अचानक ट्रेन रुकने से कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए यात्रियों को शांत कराया. सुरक्षा कारणों से यात्रियों को ट्रेन से उतारा गया और रेलवे कर्मचारियों की निगरानी में ट्रैक के सहारे पैदल ही पुल पार कराकर उन्हें सुरक्षित लोहरदगा स्टेशन पहुंचाया गया. इस दौरान यात्रियों को असुविधा जरूर हुई, लेकिन सभी ने राहत की सांस ली.
रेल परिचालन स्थगित, ट्रेनों का मार्ग बदला
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची. पुल की प्रारंभिक जांच के बाद कोयल नदी पुल पर सभी तरह के रेल परिचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी होने तक इस रूट से कोई ट्रेन नहीं चलाई जाएगी.
रेलवे प्रशासन के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का परिचालन 7 जनवरी तक प्रभावित रहेगा. राजधानी एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग बरकाकाना के रास्ते चलाया जाएगा, जबकि लोहरदगा-रांची-टोरी रूट की मेमू ट्रेन फिलहाल नागजुआ तक ही संचालित की जा रही है.

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