SIR को लेकर झारखंड में सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर उठाए सवाल
झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. गोड्डा में BLA-2 कार्यकर्ता की हिरासत और संताल परगना में मतदाता संख्या में कथित असामान्य वृद्धि का मुद्दा उठाया.

Ranchi News: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर इस प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि SIR के दौरान ऑफलाइन तरीके से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश तथा गोड्डा में भाजपा के अधिकृत कार्यकर्ता को हिरासत में लिए जाने जैसी घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं. मरांडी ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखते हुए निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की है. उन्होंने मतदाता सूची में पिछले वर्षों के दौरान हुई कथित असामान्य बढ़ोतरी की भी जांच कराने और संदिग्ध नामों का सत्यापन करने की अपील की है.
SIR प्रक्रिया को लेकर बाबूलाल का सरकार पर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार SIR की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अलग-अलग कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे संवेदनशील काम में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.
ऑफलाइन प्रमाण पत्र जारी करने पर उठाए सवाल
भाजपा नेता ने SIR के बीच आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र ऑफलाइन जारी करने के निर्देश को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल यदि नियमों के विपरीत हुआ तो मतदाता सूची की शुद्धता प्रभावित हो सकती है.
गोड्डा में भाजपा कार्यकर्ता की हिरासत का मुद्दा
मरांडी ने गोड्डा में भाजपा के अधिकृत BLA-2 कार्यकर्ता को हिरासत में लिए जाने का भी उल्लेख किया. उन्होंने इसे SIR से जुड़े राजनीतिक माहौल के संदर्भ में उठाते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए.
संताल परगना के मतदाता आंकड़ों का जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज समेत संताल परगना के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में वर्ष 2019 से 2024 के बीच मतदाताओं की संख्या में हुई कथित असामान्य वृद्धि का मुद्दा उठाया. उन्होंने पाकुड़, राजमहल, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर जैसे क्षेत्रों के आंकड़ों की जांच की जरूरत बताई.
चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग
भाजपा नेता ने चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि संदिग्ध नामों का सत्यापन होना चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोई वास्तविक और योग्य मतदाता सूची से बाहर न हो. मरांडी ने अपात्र नामों को हटाने के साथ पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर भी जोर दिया.

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