धनबाद ट्रेन उद्घाटन पर सियासी घमासान: लिखित आमंत्रण के बावजूद मेयर संजीव सिंह और रागिनी सिंह को अंतिम समय में रोका गया
धनबाद से मुंबई के लिए नई ट्रेन के उद्घाटन समारोह में सियासी विवाद खड़ा हो गया है. लिखित आमंत्रण मिलने के बावजूद मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह को अंतिम समय में रोक दिया गया. इस घटना ने भाजपा की अंदरूनी खींचतान और रेलवे पर राजनीतिक दबाव के सवाल खड़े कर दिए हैं.


धनबाद से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) के लिए नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन समारोह को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेलवे अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनकी पत्नी झरिया विधायक रागिनी सिंह को लिखित आमंत्रण दिए जाने के बावजूद कार्यक्रम शुरू होने से महज तीन घंटे पहले फोन कर रोक दिया गया. मेयर ने इसे साधारण प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव बताते हुए सवाल उठाए हैं. इस घटना ने धनबाद भाजपा में चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

आमंत्रण देने के बाद अंतिम समय में यू-टर्न
धनबाद रेल मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्रा की ओर से मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह को औपचारिक आमंत्रण पत्र भेजा गया था. दोनों ने अन्य सभी कार्यक्रम रद्द कर उद्घाटन समारोह में शामिल होने की तैयारी कर ली थी. लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से सिर्फ तीन घंटे पहले रेलवे अधिकारियों ने फोन कर “गलती” बताते हुए न आने को कहा. कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर-पोस्टर में भी पहले उनके नाम शामिल थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया.

संजीव सिंह का आरोप: डीआरएम स्तर पर गलती असंभव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेयर संजीव सिंह ने कहा कि डीआरएम जैसे उच्च पदाधिकारी द्वारा इतनी बड़ी गलती होना संभव नहीं है. यह स्पष्ट रूप से किसी के दबाव में लिया गया फैसला है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि वे और रागिनी सिंह समारोह में पहुंचते तो उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में आते, जिससे कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता. उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लोगों को अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखना चाहिए और धनबाद, बाघमारा या दिल्ली के अच्छे डॉक्टरों से इलाज कराना चाहिए.
रेलवे की माफी, लेकिन विवाद थमा नहीं
ट्रेन को सोमवार रात 11 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 7 से धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. बाद में रेलवे अधिकारियों ने मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह के आवास पहुंचकर माफी मांगी. इसके बावजूद संजीव सिंह इस घटना को प्रशासनिक त्रुटि मानने से इनकार कर रहे हैं और राजनीतिक दबाव की आशंका जता रहे हैं.
भाजपा में बढ़ी अंदरूनी खींचतान
यह विवाद धनबाद में नगर निगम चुनाव के बाद से चल रही सियासी खींचतान को और हवा दे रहा है. सांसद ढुल्लू महतो, मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह के बीच मतभेद पहले से चर्चा में थे. धनबाद विधायक राज सिन्हा भी इस समारोह में नहीं पहुंचे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजीव सिंह के भाजपा से अलग होकर चुनाव जीतने और पिछले बयानबाजी के कारण उन्हें पार्टी समर्थन नहीं मिल रहा है. रेलवे केंद्र सरकार के अधीन होने के कारण सांसद की बात ज्यादा प्रभावी मानी जा रही है.
यह पूरा मामला अब केवल ट्रेन उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि रेलवे जैसे संस्थान पर राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक निर्णयों की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. नई ट्रेन धनबाद, बोकारो और गढ़वा के यात्रियों को मुंबई जाने में सुविधा प्रदान करेगी.

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