Petrol-Diesel Price Hike: नए वित्त वर्ष के पहले दिन महंगाई का ट्रिपल अटैक
नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन आम जनता और व्यवसायों पर महंगाई का बड़ा झटका लगा है. कमर्शियल एलपीजी, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के बाद अब प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है.

Petrol-Diesel Price Hike: नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन आम जनता और व्यवसायों पर महंगाई का बड़ा झटका लगा है. कमर्शियल एलपीजी, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के बाद अब प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने दिल्ली में एक्सपी100 (XP100) पेट्रोल की कीमत में 11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. इसके बाद इसकी कीमत बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, प्रीमियम डीजल ‘एक्स्ट्रा ग्रीन’ की कीमत 91.49 रुपये से बढ़ाकर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. XP100 एक 100 ऑक्टेन पेट्रोल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लग्जरी कारों और सुपरबाइक्स में किया जाता है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. हाल ही में यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं और फिलहाल लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. राहत की बात यह है कि फिलहाल सामान्य (रेगुलर) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इसके बाद पेट्रोल पर टैक्स 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है. हालांकि, इस कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को तुरंत मिलने की संभावना कम है, क्योंकि इसका उद्देश्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई करना है.
महंगाई का ट्रिपल अटैक
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही तीन बड़े झटके देखने को मिले हैं:
- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.5 रुपये की बढ़ोतरी
- एटीएफ की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार
- प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा
दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हालिया बढ़ोतरी के बाद एक महीने से भी कम समय में 300 रुपये से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है. नए वित्त वर्ष की शुरुआत महंगाई के दबाव के साथ हुई है. हालांकि आम पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन कमर्शियल ईंधन और प्रीमियम फ्यूल महंगे होने से ट्रांसपोर्ट, एविएशन और होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर पर इसका असर देखने को मिल सकता है, जो आगे चलकर आम लोगों की जेब पर भी बोझ बढ़ा सकता है.

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