इराक के पास ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर हमला, भारतीय क्रू मेंबर की मौत; होर्मुज में बढ़ा तनाव, शिपिंग सुरक्षा पर भारत-ईरान में बातचीत
इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी में ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर हुए हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई. मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए इस हमले से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष अब समुद्री मार्गों तक पहुंच गया है. इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी में एक बड़े हमले में क्रूड ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ को निशाना बनाया गया, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई. यह जहाज अमेरिकी स्वामित्व वाली कंपनी का बताया जा रहा है और इस पर 15 अन्य भारतीय नाविक भी सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस घटना ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. भारत सरकार भी इस मामले को लेकर सक्रिय हो गई है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से जहाजों की सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर कई दौर की बातचीत की है.
ऑयल टैंकर पर हमला, भारतीय नाविक की मौत
फारस की खाड़ी में हुए इस हमले में अमेरिका से जुड़ी कंपनी का क्रूड ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ निशाना बना. रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज पर ड्रोन या विस्फोटक से हमला किया गया, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई. बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद अन्य 15 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. घायल या प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इस घटना के बाद भारत सरकार ने क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा
ईरानी सरकारी प्रसारक के अनुसार फारस की खाड़ी में एक अंडरवॉटर ड्रोन हमले में दो तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा है. इनमें माल्टा के झंडे वाला जहाज ‘जेफिरोस’ और मार्शल आइलैंड के झंडे वाला ‘सेफसी विष्णु’ शामिल बताए गए हैं. कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि विस्फोटकों से भरी एक आत्मघाती नाव ने जहाजों से टकराकर हमला किया होगा. हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है. ब्रिटेन के समुद्री निगरानी संगठन UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी इस क्षेत्र में कई अन्य जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमले की जानकारी दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. यह ईरान और ओमान के बीच स्थित लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया का करीब 31 प्रतिशत कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है. ऐसे में यहां बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मार्ग बाधित होता है तो भारत, चीन, जापान जैसे बड़े तेल आयातक देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
भारत की कूटनीतिक सक्रियता, जयशंकर ने की तीन बार बातचीत
इस बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है. विदेश मंत्रालय के अनुसार विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल के दिनों में ईरान के विदेश मंत्री से तीन बार बातचीत की है. इन चर्चाओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर बात हुई है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और नाविक काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
दुबई में भी ड्रोन हमला, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर अब अन्य खाड़ी देशों पर भी दिखाई देने लगा है. गुरुवार को दुबई के एक इलाके में ड्रोन हमले की घटना सामने आई, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है. इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है तो खाड़ी क्षेत्र के कई देश इसकी चपेट में आ सकते हैं.
ईरान में फंसे हजारों भारतीय
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण हजारों भारतीय नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में करीब 9 हजार भारतीय मौजूद हैं. सरकार ने इन नागरिकों की सुरक्षा और संभावित निकासी के लिए दूतावासों को अलर्ट पर रखा है. जरूरत पड़ने पर उन्हें पड़ोसी देशों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी की जा रही है.
जंग का 13वां दिन, समुद्री रास्तों पर बढ़ता खतरा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस दौरान कई सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले सामने आए हैं. अमेरिका का दावा है कि उसने होर्मुज क्षेत्र में ईरान के कई माइन-लेइंग जहाजों को नष्ट कर दिया है. वहीं ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वह इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है. ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष वैश्विक व्यापार, तेल बाजार और समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा संकट बन सकता है.

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