जासूसी नहीं, लेकिन प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई. रिम्स शासी निकाय की बैठक के बाद बोले स्वास्थ्य मंत्री
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को रिम्स के 61वें शासी परिषद की बैठक हुई. 100 वेंटिलेटर समेत कई मेडिकल उपकरण खरीदने को लेकर सहमति बनी. वहीं रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार ने स्वास्थ्य मंत्री से किसी तरह के मतभेद की बात से इनकार किया. उन्होंने खुद को मंत्री का कार्यकर्ता बताया.


Ranchi:
सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित डॉक्टर ड्यूटी ऑवर में कहां-कहां प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं इसकी जानकारी के लिए जासूसी नहीं की जाएगी, लेकिन अगर जानकारी मिली तो ऐसे डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. रिम्स शासी परिषद की 61वें बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि जासूसी नहीं होगी. बायोमैट्रिक्स लगाये जाएंगे. अगर डॉक्टरों पर ज्यादा कड़ाई करेंगे तो वे नौकरी छोड़कर चले जाएंगे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे रिम्स को देश के बेहतरीन संस्थानों की श्रेणी में लाना चाहते हैं. यह तभी संभव है जब सभी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गंभीरता से अपनी भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द रिम्स में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा.
26 एजेंडों की हुई समीक्षा
रिम्स शासी परिषद की बैठक में 16 एजेंडों की समीक्षा की गयी. मेडिकल उपकरणों के खरीद में देरी और उससे उत्पन्न समस्याएं, ट्रॉमा सेंटर की सुविधाएं और खामियां, रखरखाव की व्यवस्था और खराब वेंटिलेटरों की स्थिति, इलाज की वर्तमान स्थिति पर मुख्य रूप से चर्चा हुई. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने 100 वेंटिलेटर और MRI मशीन की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने ट्रॉमा सेंटर में खराब पड़े वेंटीलेटरों को बदलने/मरम्मत करने, बिल्डिंग की मरम्मत और साफ-सफाई को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया.
9 अक्टूबर को बाकी बचे एजेंडों पर होगी चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई शासी परिषद बैठक में कोर्ट द्वारा दिए गए कुल 33 में से पहले चरण के 16 एजेंडों पर चर्चा हुई. बाकी एजेंडों पर विचार के लिए 9 अक्टूबर को दोबारा बैठक बुलाई जाएगी. बैठक में यह भी तय हुआ कि रिम्स की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
इन एजेंडों पर चर्चा हुई
• तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की नियुक्ति.
• बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने का निर्णय.
• नए विभागों की स्थापना के लिए पद सृजन.
• दवा व अन्य आवश्यक सामानों की खरीदारी.
• नए भवनों का निर्माण तथा पुराने का जीर्णोद्धार.
• जर्जर भवनों की आकस्मिक मरम्मत.
• पेयजल आपूर्ति और जलजमाव की समस्या.
• ट्रामा सेंटर व सेंट्रल इमरजेंसी में सुधार.
• चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की जिम्मेदारी निदेशक को.
• देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह से एडवाइजरी बोर्ड बनाने का प्रस्ताव.
• रिम्स के अंतर्गत चिकित्सा संवर्ग, वरीय रेजीडेंट व ट्यूटर के रिक्त पदों पर नियुक्ति.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment