लोकसभा में साउथ सीटों पर घमासान, निशिकांत दुबे के बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान
लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर बहस तेज हो गई है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दक्षिण भारत की सीटों को लेकर राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला, जिससे संसद का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया.


New Delhi: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जारी बहस शुक्रवार को और तीखी हो गई, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला. दक्षिण भारत की सीटों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाई जा रही आशंकाओं के बीच दुबे ने कहा कि अगर भविष्य में दक्षिणी राज्यों को सीटों के अनुपात में कोई राजनीतिक नुकसान होता है, तो उसके लिए राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति जिम्मेदार होगी. यह बयान उस समय आया जब महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने को लेकर सदन में लगातार आरोप-प्रत्यारोप चल रहा था. राहुल गांधी ने जहां इसे देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश बताया, वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया.
दक्षिण की सीटों पर निशिकांत दुबे का बड़ा बयान
लोकसभा में बोलते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर सरकार की अधिसूचना के अनुसार महिला आरक्षण कानून लागू किया जाता है, तो बीजेपी 543 सीटों के मौजूदा ढांचे पर भी इसे लागू करने के लिए तैयार है. उन्होंने सवाल उठाया कि दक्षिणी राज्यों को लेकर जो भय का माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे विपक्ष की राजनीति है. दुबे ने कहा कि अगर भविष्य में दक्षिण भारत को सीटों के संदर्भ में कोई नुकसान महसूस होता है, तो इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे. उनका यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस के उस नैरेटिव के जवाब में आया, जिसमें परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी घटने की आशंका जताई जा रही है.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
इससे पहले राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का बिल कम और देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश ज्यादा है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रक्रिया के जरिए ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को जाति जनगणना और परिसीमन से जोड़ना गलत है और इससे सामाजिक न्याय के मुद्दे पीछे चले जाएंगे.
बीजेपी का जवाब: भ्रम फैलाया जा रहा
बीजेपी की ओर से लगातार यह कहा गया कि विपक्ष दक्षिण भारत के मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैला रहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया कि दक्षिणी राज्यों की सीटों और राजनीतिक प्रभाव में कमी नहीं आएगी, बल्कि कुल सीटों के विस्तार के साथ उनकी संख्या भी बढ़ सकती है. सरकार का दावा है कि महिला आरक्षण को तेजी से लागू करने के लिए परिसीमन और संबंधित संशोधन जरूरी हैं. इसी संदर्भ में विशेष सत्र में तीन प्रमुख विधेयक पेश किए गए हैं.
आगे क्या?
शाम 6 बजे गृह मंत्री अमित शाह के जवाब और इसके बाद होने वाली वोटिंग पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. यह बहस सिर्फ महिला आरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह उत्तर-दक्षिण प्रतिनिधित्व, जाति जनगणना और भविष्य की राजनीतिक संरचना का बड़ा मुद्दा बन चुकी है. निशिकांत दुबे के बयान ने इस बहस को और राजनीतिक धार दे दी है. आने वाले घंटों में सदन में होने वाली वोटिंग और सरकार के अंतिम जवाब से यह तय होगा कि यह विधेयक किस दिशा में आगे बढ़ता है.

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