देशभर में मानसून का कहर, रांची से लेकर हिमालय तक बारिश की मार; उत्तराखंड-हिमाचल में भूस्खलन, यूपी-गुजरात में मौतें, कई राज्यों में हाई अलर्ट
देशभर में मानसून ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन, यूपी और गुजरात में बारिश से जनहानि, जबकि झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने अगले 48–72 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण बताए हैं.

Ranchi: देशभर में सक्रिय मानसून अब राहत से ज्यादा आफत बनता नजर आ रहा है. उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी और पूर्वोत्तर राज्यों तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से चारधाम यात्रा और सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की जान गई है. महाराष्ट्र में नदियां उफान पर हैं और कई शहरों में जलभराव ने सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. झारखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए तेज बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के किनारे सतर्क रहने की अपील की है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट
राजधानी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं. मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई है. प्रशासन ने किसानों, ग्रामीण इलाकों के लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की स्थिति बन सकती है.
उत्तराखंड में सबसे ज्यादा संकट, चारधाम यात्रा बार-बार प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है. अनेक संपर्क मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
हिमाचल प्रदेश में पुल बहा, सड़कें बंद, गांवों का संपर्क टूटा
हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश के चलते कई इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. किन्नौर, मंडी, कुल्लू और शिमला के कई हिस्सों में सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. कुछ स्थानों पर पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है, जिससे गांवों का संपर्क टूट गया. प्रशासन मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है. भारी बारिश को देखते हुए लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की अपील की गई है.
उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से जनहानि
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने कई जिलों में तबाही मचाई है. अलग-अलग जिलों से मौतों की खबरें सामने आई हैं. कई स्थानों पर मकान ढहने, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं हुई हैं. पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. प्रमुख सड़कों पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई अंडरपास और निचले इलाके पानी में डूब गए. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक और बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सूरत सहित कई शहरों में निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. कई सड़कें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है.
महाराष्ट्र में नदियां उफान पर
महाराष्ट्र के मुंबई, रायगढ़, पुणे और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. कई इलाकों में जलभराव होने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई, जबकि कुछ नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी तट पर अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, हालांकि बाद में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ने के संकेत भी हैं.
राजस्थान में बारिश से मकान ढहे
राजस्थान के कई जिलों में तेज बारिश के कारण कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है. कुछ स्थानों पर दीवार और मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. लगातार बारिश के कारण सड़क परिवहन के साथ-साथ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट
बिहार में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत उत्तर बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है. प्रशासन ने नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के साथ आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रही हैं. पूर्वी और मध्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है. छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी वर्षा का दौर जारी है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी है.
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय, पश्चिमी तट पर लगातार बरस रहे बादल
कर्नाटक, केरल, गोवा और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है. तटीय कर्नाटक और केरल में लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. कुछ स्थानों पर जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है, जिससे वर्षा में अस्थायी कमी आ सकती है.
रांची समेत कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी
झारखंड में पिछले कुछ दिनों की तुलना में बारिश की तीव्रता कम रही है, लेकिन मौसम विभाग ने 10 से 15 जुलाई के बीच रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बनने वाली मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से राज्य में फिर वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है.
अगले 72 घंटे रहेंगे चुनौतीपूर्ण
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वोत्तर भारत, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले 48 से 72 घंटे तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है.
राहत के साथ आफत भी बना मानसून
देशभर में मानसून की सक्रियता ने जहां कई राज्यों में बारिश की कमी दूर की है, वहीं लगातार हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है. सड़कें, पुल, बिजली व्यवस्था, परिवहन और चारधाम यात्रा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं. कई राज्यों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी हैं. मौसम विभाग का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखना ही इस समय सबसे सुरक्षित उपाय है.

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