महाशिवरात्रि 2026: 15 या 16 फरवरी? जानें सही तिथि, पूजा-मुहूर्त और शिव-पार्वती की दिव्य प्रेम कथा
हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व महाशिवरात्रि वर्ष 2026 में रविवार, 15 फरवरी को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम से प्रारंभ होकर 16 फरवरी तक रहेगी.

हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व महाशिवरात्रि वर्ष 2026 में रविवार, 15 फरवरी को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम से प्रारंभ होकर 16 फरवरी तक रहेगी. चूंकि शिवरात्रि की पूजा और रात्रि जागरण चतुर्दशी तिथि की रात्रि में किया जाता है, इसलिए पर्व 15 फरवरी की रात को मनाया जाएगा, जबकि व्रत का पारण 16 फरवरी की सुबह किया जाएगा.
क्या है सही तिथि का आधार?
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि उसी दिन मनाई जाती है जिस दिन चतुर्दशी तिथि रात्रि में विद्यमान हो. इस वर्ष चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम से शुरू होकर 16 फरवरी की शाम तक रहेगी. निशित काल पूजा (मध्यरात्रि का सबसे शुभ समय) लगभग रात 12 बजे के आसपास रहेगा, जिसे शिव आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है.
शिव-पार्वती की प्रेम कथा: तपस्या, समर्पण और दिव्य मिलन
महाशिवरात्रि केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि यह भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की पावन रात्रि भी मानी जाती है. पुराणों के अनुसार, माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में अपमानित होकर अग्नि में देह त्याग दी थी. इसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया. बचपन से ही पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने का संकल्प लेकर कठोर तपस्या करने लगीं. वर्षों की कठिन साधना, उपवास और अटूट भक्ति के बाद भगवान शिव ने उनकी तपस्या स्वीकार की. अंततः फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में शिव और पार्वती का विवाह हुआ. यही पावन रात्रि महाशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है. इस कथा को प्रेम, धैर्य, तप और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है.
कैसे की जाती है पूजा?
- महाशिवरात्रि पर भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात में चार पहर की पूजा करते हैं.
- शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक
- बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करना
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप
- पूरी रात जागरण और भजन-कीर्तन
- मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है.
देशभर में तैयारियां
वाराणसी, उज्जैन, देवघर, रांची और अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मंदिरों में सजावट, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन भी सक्रिय है.
निष्कर्ष
तो अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि महाशिवरात्रि 15 या 16 फरवरी को है, तो स्पष्ट कर दें — महाशिवरात्रि 2026, 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी, जबकि व्रत का पारण 16 फरवरी को किया जाएगा. भक्ति, प्रेम और समर्पण की इस पावन रात में शिव-पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ तैयार हैं.

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