Patna: जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने हाल ही में मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि नीतीश कुमार अपने लंबे राजनीतिक करियर और समाज सेवा के लिए इस देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं. हालांकि, इस कदम के तुरंत बाद जेडीयू ने त्यागी से दूरी बना ली और स्पष्ट किया कि उनके बयान पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं दर्शाते. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि केसी त्यागी की यह मांग निजी तौर पर की गई थी और पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह भी नहीं पता था कि त्यागी वर्तमान में जेडीयू में कितनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इस कदम के बाद जेडीयू के भीतर यह स्पष्ट संकेत मिल गया कि त्यागी अब पार्टी के निर्णयों, नीतियों और आधिकारिक गतिविधियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते.
पार्टी का आधिकारिक रुख और त्यागी की भूमिका
जेडीयू ने केसी त्यागी के बयान से पूरी तरह किनारा करते हुए इसे उनके निजी विचार के रूप में पेश किया. राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि केसी त्यागी का पार्टी के आधिकारिक फैसलों या गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि त्यागी पार्टी में बने हुए हैं, लेकिन उनकी भूमिका सीमित हो गई है. केसी त्यागी पहले राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर रहे हैं, लेकिन अब वे सलाहकार के तौर पर ही जुड़ाव रखते हैं. पार्टी सूत्रों ने यह भी कहा कि उनके साथ सम्मानजनक अलगाव हो गया है, और फिलहाल उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिसे उनके पुराने और लंबे संबंधों के कारण जिम्मेदार निर्णय माना जा रहा है.
भारत रत्न की मांग और विवाद
केसी त्यागी ने पत्र में कहा था कि नीतीश कुमार समाज सेवा और राज्य निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान कर चुके हैं. उन्होंने पिछले वर्ष भारत रत्न पाने वाले नेताओं स्व. चौधरी चरण सिंह और स्व. कर्पूरी ठाकुर का उदाहरण दिया. हालांकि, जेडीयू के भीतर किसी भी स्तर पर इस मांग को समर्थन नहीं मिला. पार्टी ने इसे त्यागी का व्यक्तिगत कदम बताया और इसे पार्टी लाइन से अलग करार दिया. जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि केसी त्यागी जो बोलते हैं, उसका पार्टी के आधिकारिक रुख से कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी यह स्पष्ट नहीं था कि त्यागी सक्रिय हैं या नहीं.
जेडीयू में त्यागी की सीमित सक्रियता
केसी त्यागी की पार्टी में भूमिका समय के साथ लगातार घटती गई है. कभी राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता रहे त्यागी अब केवल सलाहकार पद पर सीमित हैं. जेडीयू के वरिष्ठ नेतृत्व ने यह निर्णय उनके लंबे इतिहास और पार्टी में निभाई भूमिका को ध्यान में रखकर लिया. हालांकि, उनके बयान और गतिविधियों को पार्टी ने अब प्रतिनिधि तौर पर नहीं माना. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह दूरी सम्मानजनक है और किसी भी तरह के प्रतिकूल कदम या विवाद से बचने के लिए फिलहाल औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई.
जेडीयू और केसी त्यागी के संबंध
केसी त्यागी का जेडीयू में अध्याय अब समाप्त माना जा रहा है. पार्टी ने उनके बयान को निजी स्तर का बताया और यह स्पष्ट किया कि अब वे पार्टी की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक गतिविधियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते. हालांकि, किसी औपचारिक निष्कासन या अनुशासनात्मक कार्रवाई की योजना फिलहाल नहीं है, जिसे उनके पुराने और लंबे राजनीतिक संबंधों के कारण जिम्मेदार कदम माना जा रहा है. इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी अब सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान का समर्थन नहीं करती जो पार्टी लाइन से अलग हों.

