JSSC पेपर लीक केस: BJP पहुंची राजभवन, 7 सूत्री मांगों के साथ खोला मोर्चा
झारखंड में JSSC उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. BJP का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मिला और CBI जांच की मांग की. पार्टी ने JSSC और JPSC पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं.


Ranchi: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर सियासत तेज हो गई है. मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल Santosh Gangwar से मुलाकात कर पूरे मामले की CBI जांच की मांग की. बीजेपी ने Jharkhand Staff Selection Commission और Jharkhand Public Service Commission पर लगातार परीक्षा में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. पार्टी ने सात सूत्री मांगों के साथ ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
राजभवन पहुंचा बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल
बीजेपी का 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचा. इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष Aditya Sahu, नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे. नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए उत्पाद सिपाही परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. बीजेपी का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं.
क्या है पूरा पेपर लीक मामला?
12 अप्रैल 2026 को आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा के दौरान तमाड़ इलाके से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की खबर सामने आई. आरोप है कि एक निर्माणाधीन भवन में अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे. इस मामले में 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटॉप, संदिग्ध प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री बरामद की है. साथ ही यह भी आरोप है कि अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड जब्त कर लिए गए थे और उनसे अग्रिम भुगतान के तौर पर चेक लिए गए थे.
15 लाख में सौदे का आरोप, कई केंद्रों पर शक
बीजेपी के ज्ञापन में दावा किया गया है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था. राज्य के आठ जिलों में 370 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए. पार्टी का कहना है कि जब एक केंद्र से ही 150 से अधिक गिरफ्तारी हुई है, तो अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं.
JSSC के इनकार पर उठे सवाल
इतनी बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियों के बावजूद JSSC ने पेपर लीक से इनकार किया है. बीजेपी ने इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इतने सबूत सामने आ चुके हैं, तो आयोग का इनकार संदेह पैदा करता है. पार्टी का आरोप है कि कहीं न कहीं प्रशासन और सिस्टम के भीतर गड़बड़ियों को छुपाने की कोशिश हो रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सात सूत्री मांग और CBI जांच की मांग
बीजेपी ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें पेपर लीक मामले की CBI जांच, पेपर माफिया और सॉल्वर गैंग के नेटवर्क की गहन जांच, अंतर्राज्यीय स्तर पर जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पिछले छह वर्षों में हुई परीक्षाओं की भी जांच शामिल है. पार्टी का कहना है कि जब तक स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी. बीजेपी ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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