केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रांची–ठाकुरगांव–बुढ़मू–टंडवा–सिमरिया–बगरा मार्ग को झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर (NH-99) के रूप में मंजूरी दे दी है. इस परियोजना से पिपरवार, टंडवा और खलारी कोयलांचल क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक बदलाव आएंगे. NH-99 की सुविधा से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़े पैमाने पर सुधार होगा, किसानों को अपनी उपज जल्दी और सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, मजदूरों का आवागमन आसान और सस्ता होगा, और छात्रों तथा मरीजों को बड़े शहरों तक तेज पहुंच सुनिश्चित होगी.
रोजगार और व्यापार को मिलेगी नई दिशा
कॉरिडोर के निर्माण से स्थानीय रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी. कोयला परिवहन और व्यापार के लिए भी यह मार्ग अहम साबित होगा. बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश आकर्षित होगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और पलायन की समस्या में कमी आएगी. स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित होगी. इसके साथ ही, परियोजना क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और व्यापारियों के लिए दीर्घकालीन फायदे लेकर आएगी.
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक लाभ
एनएच-99 के निर्माण से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित होगी. महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों के लिए गतिशीलता बढ़ेगी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा. सड़क के बेहतर नेटवर्क से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के सामाजिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आएंगे. यह कॉरिडोर क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए एक मजबूत आधार बनेगा.
खनिज संपदा और औद्योगिक विकास
झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर के निर्माण से खनिज संपदा और औद्योगिक क्षेत्रों तक तेज़ पहुंच सुनिश्चित होगी. यह परियोजना पूरे कोयलांचल क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ बनेगी और स्थानीय उद्योगों को नए अवसर प्रदान करेगी. बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार में समय और लागत की बचत होगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में सर्वांगीण विकास की राह खुलेगी.
नई सुबह, नई संभावनाएं
NH-99 की मंजूरी से पिपरवार-टंडवा और खलारी क्षेत्र में विकास की नई सुबह शुरू होगी. परियोजना से रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय व्यापार और उद्योग को मजबूती मिलेगी. यह कॉरिडोर झारखंड के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पूरे कोयलांचल क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को गति देगा.

