जंतर-मंतर हिंसा मामला: आरोपी के कबूलनामे के बाद गरमाई राजनीति, पुलिस घेराबंदी में जुटी CJP
घटना के डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने पर संजय की बेटी निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर निराशा व्यक्त की.

Delhi: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए संजय कुमार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष तेज हो गया है. संजय की बेटी निशु आजाद द्वारा पुलिस की सुस्ती पर उठाए गए सवालों के बाद मामला गरमा गया है. आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिसमें उसने हमले की बात कबूल की है, CJP और विपक्षी दल आक्रामक हो गए हैं. CJP प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका और निशु आजाद समर्थकों संग संसद मार्ग थाने पहुंचे. इस दौरान चंद्रशेखर आजाद भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की ढिलाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया.
वायरल वीडियो से गहराया विवाद और CJP का थाने पर प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर सामने आई एक पॉडकास्ट क्लिप ने इस पूरे मामले में आग में घी डालने का काम किया है. वायरल वीडियो में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज खुलकर दावा कर रहा है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर संजय कुमार के सिर पर वार उसी ने किया था. यही नहीं, उसने अपने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए कड़े कानूनी एक्शन से बचे रहने की बात भी कही. इस कुबूलनामे के सामने आते ही CJP का गुस्सा फूट पड़ा. प्रवक्ता सौरभ दास, सह-संयोजक आशुतोष रांका और पीड़ित संजय की बेटी निशु आजाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक से संसद मार्ग पुलिस स्टेशन तक मार्च निकाला और थाने का घेराव कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.
पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल और कढ़ी धाराएं लगाने की मांग
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि घटना के डेढ़ महीने बीत जाने और आरोपी द्वारा खुलेआम अपराध स्वीकारने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. रांका का आरोप है कि राजनीतिक दबाव और बीजेपी नेताओं के प्रभाव में आकर पुलिस कार्रवाई से बच रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है. CJP ने मांग की है कि वायरल वीडियो को सबूत मानते हुए पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज को तुरंत गिरफ्तार करे. साथ ही, उसके खिलाफ दर्ज सामान्य मामले को बदलकर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी संशोधित की जाए.
राहुल गांधी से गुहार के बाद एक्टिव हुई कांग्रेस की लीगल टीम
निराश और असहाय महसूस कर रही निशु आजाद ने अपनी आपबीती का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग किया था. निशु का कहना था कि अब उन्हें दिल्ली पुलिस से कोई उम्मीद नहीं बची है और सिर्फ राहुल गांधी ही उन्हें न्याय दिला सकते हैं. इस अपील पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कांग्रेस पार्टी की लीगल टीम और यूथ कांग्रेस मैदान में उतर आई है. दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लकड़ा, लीगल सेल के वकीलों के साथ निशु आजाद की पैरवी के लिए संसद मार्ग थाने पहुंचे. कांग्रेस की कानूनी टीम अब इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर गैर-जमानती धाराएं लगवाने और उसकी त्वरित गिरफ्तारी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी.

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