JSSC-CGL मामले में चतरा पर CID की नजर?, 8 गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा, BSO को काम की अनुमति नहीं?
JSSC-CGL मामले में CID की जांच का दायरा बढ़ता दिख रहा है. आठ गिरफ्तारियों और करीब 20 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ के बीच अब चतरा तक जांच पहुंचने की चर्चा है. BSO स्तर पर कामकाज प्रभावित होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता की जांच अब और आगे बढ़ती नजर आ रही है. मामले में अब तक आठ प्रमुख गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और करीब 20 अन्य सफल अभ्यर्थियों को CID की ओर से नोटिस देकर पूछताछ की गई है. इसी बीच जांच का फोकस चतरा की ओर बढ़ने की चर्चा ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.
CID की जांच में अब तक अलग-अलग जिलों से जुड़े अभ्यर्थियों और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित लोगों की भूमिका सामने आई है. गिरफ्तार लोगों में अभय कुमार तिवारी के अलावा उनकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय कुमार तिवारी, दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह और समीर कुमार शामिल हैं. वहीं परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार की गिरफ्तारी भी जांच में सामने आ चुकी है.
20 और सफल अभ्यर्थी CID के रडार पर
जांच एजेंसी ने अब 20 और सफल अभ्यर्थियों को नोटिस भेजकर पूछताछ की है. इससे संकेत मिल रहा है कि CID केवल पहले से गिरफ्तार लोगों की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अन्य अभ्यर्थियों से भी जानकारी जुटा रही है.
रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले करीब 150 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जांच का अगला चरण किन जिलों और किन लोगों तक पहुंचता है.
चतरा क्यों महत्वपूर्ण?
JSSC-CGL मामले में चतरा का नाम सामने आने के बाद अब इस जिले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक CID की जांच चतरा तक आगे बढ़ सकती है और यहां से भी कुछ अहम जानकारी सामने आने की संभावना है.
चतरा के पथलगड्डा प्रखंड के BSO तेजनारायण पंडित से भी CID की टीम पूछताछ कर चुकी है. हालांकि उनकी भूमिका को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. इसलिए उन्हें आरोपी के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी.
इसी बीच Bawal News को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक JSSC-CGL मामले की जांच के बीच BSO स्तर पर भी कामकाज प्रभावित हुआ है और BSO को फाइल देखने या नियमित काम करने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
धनबाद से चतरा तक कनेक्शन की चर्चा
मामले में सामने आए नामों और गिरफ्तारियों को देखें तो जांच का दायरा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और अब चतरा तक जुड़ता दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या JSSC-CGL मामले में केवल कुछ अभ्यर्थियों की गड़बड़ी सामने आएगी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी जांच के दायरे में आएगा.
Reforms Manch ने उठाए सवाल
दूसरी ओर JSSC-JPSC Reforms Manch लगातार CID की जांच पर सवाल उठा रहा है. मंच की ओर से मामले में CBI जांच की मांग की जा रही है. गिरफ्तारियां और नोटिस जारी होने के बावजूद आंदोलन से जुड़े लोग अपनी इस मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.




