जयराम महतो का केंद्र सरकार से अनुरोध, सोनम वांगचुक की मांगों पर जल्द हो बातचीत
डुमरी विधायक जयराम महतो ने शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की है. उन्होंने वांगचुक की भूख हड़ताल पर चिंता जताई.

Ranchi: डुमरी विधायक जयराम महतो ने प्रख्यात शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने वांगचुक को पत्र लिखकर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और केंद्र सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की. जयराम महतो ने कहा कि लोकतंत्र में हर विवाद का सबसे प्रभावी समाधान संवाद के जरिए ही संभव है. उन्होंने वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हुए छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर भी जोर दिया.
जयराम महतो ने पत्र लिखकर जताया समर्थन
डुमरी विधायक जयराम महतो ने सोनम वांगचुक को लिखे अपने पत्र में कहा कि वे उनके आंदोलन और उठाए गए मुद्दों के साथ पूरी तरह खड़े हैं. उन्होंने बताया कि वांगचुक पिछले 17 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं और लगातार गिरता उनका स्वास्थ्य चिंता का विषय बनता जा रहा है. जयराम महतो ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल विरोध के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे मौजूद चिंताओं और मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक पहल करेगी और बातचीत के जरिए इस मामले का समाधान निकालेगी.
केंद्र सरकार से जल्द संवाद शुरू करने की मांग
जयराम महतो ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद और सहमति है. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सोनम वांगचुक और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ जल्द औपचारिक बातचीत शुरू करे. उनके अनुसार, किसी भी विवाद को लंबा खींचने के बजाय समय रहते समाधान निकालना सभी पक्षों के हित में होगा. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए. जयराम महतो ने यह भी कहा कि यदि सरकार बातचीत का रास्ता अपनाती है तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान भी संभव हो सकेगा.
NEET पेपर लीक और छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता
अपने पत्र में जयराम महतो ने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और अन्य अनियमितताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और कई अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. जयराम महतो ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक बहस से ऊपर है और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा मजबूत व्यवस्था विकसित करना जरूरी है. उन्होंने युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की.
जंतर-मंतर पर जारी है सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से करोड़ों युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ रहा है. आंदोलन के दौरान उन्होंने बार-बार कहा है कि सरकार युवाओं की आवाज सुने और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाधान खोजे. सोनम वांगचुक को फिल्म 3 Idiots के लोकप्रिय किरदार 'फुंसुक वांगडू' की वास्तविक प्रेरणा माना जाता है, जिसके कारण उनकी बातों को देशभर में व्यापक समर्थन भी मिल रहा है.
20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान, सरकार से अब भी नहीं हुई बातचीत
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सार्थक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन का समर्थन कर रही CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है, जो संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ आयोजित किया जाएगा. इस आंदोलन को अभिनेता ओमी वैद्य समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं का समर्थन मिल रहा है. हालांकि कुछ लोगों ने आंदोलन की संगठनात्मक क्षमता पर सवाल भी उठाए हैं, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई औपचारिक वार्ता शुरू नहीं की गई है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता निकलता है या नहीं.

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