तीर्थ-पुरोहित समाज को सम्मान और श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनें देने की मांग, चंद्रशेखर खवाड़े ने PM-रेल मंत्री को लिखा पत्र
देवघर के चंद्रशेखर खवाड़े ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर बाबा बैद्यनाथ धाम समेत प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने, वरिष्ठ नागरिकों की रेल किराया रियायत बहाल करने और आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा सहायता योजना शुरू करने की मांग की है.

देवघर:- देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक तीर्थयात्रियों की आवाजाही आसान बनाने और तीर्थ-पुरोहित समाज के योगदान को उचित पहचान दिलाने की मांग उठी है. अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महासचिव (युवा) एवं पंडा धर्मरक्षिणी सभा, देवघर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खवाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर कई सुझाव दिए हैं. उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम समेत देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू करने, वरिष्ठ नागरिकों की रेल किराया रियायत बहाल करने और आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए सहायता योजना लागू करने का आग्रह किया है. इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में तीर्थ-पुरोहित समाज और धार्मिक संस्थाओं की भूमिका का ऐतिहासिक मूल्यांकन कराने की मांग भी रखी है. खवाड़े का कहना है कि धार्मिक यात्राओं को सुविधाजनक और किफायती बनाने के साथ तीर्थ-पुरोहित समाज के ऐतिहासिक योगदान को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए.
तीर्थ-पुरोहित समाज के योगदान का हो ऐतिहासिक मूल्यांकन
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में चंद्रशेखर खवाड़े ने स्वतंत्रता संग्राम में तीर्थ-पुरोहित समाज और धार्मिक संस्थाओं की भूमिका को सामने लाने की मांग की है. उनका कहना है कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ऐसे में स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में इसकी भूमिका का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए, ताकि इस समुदाय के योगदान को उचित पहचान मिल सके.
वरिष्ठ नागरिकों की रेल किराया रियायत बहाल करने का आग्रह
खवाड़े ने वरिष्ठ नागरिकों को पहले मिलने वाली रेल किराया रियायत फिर से शुरू करने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर बड़ी संख्या में लोग धार्मिक यात्राएं करना चाहते हैं. ऐसे में रेल किराये में राहत मिलने से बुजुर्ग श्रद्धालुओं को आर्थिक सहूलियत होगी और उनके लिए तीर्थयात्रा करना आसान बन सकेगा.
प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की मांग
केंद्रीय रेल मंत्री को लिखे पत्र में बाबा बैद्यनाथ धाम, सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर और जगन्नाथ पुरी जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के लिए अतिरिक्त रेलगाड़ियों के परिचालन का आग्रह किया गया है. खवाड़े ने इन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने पर जोर दिया है. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिल सकती है.
आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए सहायता योजना
चंद्रशेखर खवाड़े ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए विशेष तीर्थयात्रा सहायता योजना शुरू करने का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति के कारण कई श्रद्धालु अपनी धार्मिक यात्रा पूरी नहीं कर पाते. सरकार की ओर से सहायता मिलने पर ऐसे लोगों को भी प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है. उन्होंने श्रद्धालुओं को विशेष यात्रा रियायत देने की मांग भी रखी है.
धार्मिक पर्यटन से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलता है आधार
खवाड़े के मुताबिक, धार्मिक पर्यटन केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति मिलती है. प्रमुख तीर्थस्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के कारण परिवहन, होटल, छोटे कारोबार और स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को आजीविका मिलती है. उन्होंने केंद्र सरकार से पत्र में उठाई गई मांगों पर विचार करने की अपील की है. उनका कहना है कि बेहतर रेल सुविधाओं और तीर्थ-पुरोहित समाज को सम्मान मिलने से धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.


