हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी भारतीय महिला टीम की कप्तानी, भावुक पोस्ट में बताया फैसला
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है. भावुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्हें भरोसा है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी. हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत ने 2025 में पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता था. इसके अलावा टीम ने 2026 एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक बरकरार रखा. हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तानी छोड़ना आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्हें भरोसा है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है. वह कप्तानी से हटने के बाद भी भारत के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी.
10 साल से संभाल रही थीं T20 टीम की कमान
हरमनप्रीत कौर ने 2016 में भारतीय महिला T20 टीम की कप्तानी संभाली थी. इसके बाद 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट टीम की भी कमान संभाली. उनके नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं. 2025 में भारत ने घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप जीता और हरमनप्रीत विश्व कप जीतने वाली भारतीय महिला टीम की पहली कप्तान बनीं. 2026 एशियन गेम्स में भी भारत ने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया. कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का नेतृत्व किया.
‘यह आसान फैसला नहीं था’, हरमनप्रीत ने लिखा भावुक पोस्ट
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था. उन्होंने अपने लंबे नेतृत्व कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि इसमें कई सालों की यादें, भावनाएं और त्याग शामिल हैं. उन्होंने बताया कि कई मौकों पर टीम को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अपनी व्यक्तिगत प्रदर्शन और महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा. कप्तान के तौर पर उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े, जिनकी कीमत भी चुकानी पड़ी. हरमनप्रीत ने कहा कि उनका हर फैसला टीम को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देने के इरादे से लिया गया था. उन्होंने अपने सफर में निराशा, हार और मुश्किल दौर के साथ-साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया.
‘कप्तानी खत्म, सफर जारी’, अब खिलाड़ी के तौर पर देंगी योगदान
हरमनप्रीत ने कहा कि वह कप्तानी छोड़ते समय भावुक हैं, लेकिन उनके मन में शांति भी है क्योंकि उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम अच्छे हाथों में है. उन्होंने टीम में प्रतिभा, चरित्र, विश्वास और भविष्य की संभावनाओं का भरोसा जताया. हरमनप्रीत ने अपने साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया, जिन्होंने मुश्किल और अच्छे दोनों समय में उनका साथ दिया. उन्होंने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है. वह भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी और अब खेल के प्रति अपने प्यार के साथ मैदान पर उतरना चाहती हैं. उनकी पोस्ट का संदेश साफ था—कप्तानी का अध्याय खत्म हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर अभी जारी है.




