झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा होगी हाईटेक, 28,945 स्कूलों को मिलेंगे टैबलेट
रांची: झारखंड में शिक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार राज्य के 28,945 प्राइमरी स्कूलों में टैबलेट का वितरण करेगी. यह कदम सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है. इन टैबलेट्स का उपयोग न केवल पठन-प...


रांची:
झारखंड में शिक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार राज्य के 28,945 प्राइमरी स्कूलों में टैबलेट का वितरण करेगी. यह कदम सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है. इन टैबलेट्स का उपयोग न केवल पठन-पाठन में किया जाएगा, बल्कि शिक्षकों की ट्रेनिंग, मॉनिटरिंग और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने में भी सहायक होगा.
आज का दिन झारखंड के लिए 'सुपर फ्राइडे' साबित होने वाला है, क्योंकि यह राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार द्वारा दिए जाने वाले 28,945 टैबलेट्स से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा. शिक्षकों को इन टैबलेट्स के माध्यम से स्मार्ट टीचिंग तकनीक का लाभ मिलेगा और छात्रों को डिजिटल लर्निंग की सुविधा मिलेगी.
जिलों में टैबलेट्स का वितरण
राज्य के विभिन्न जिलों में टैबलेट्स का वितरण किया जाएगा. गिरिडीह जिले में सबसे अधिक 2,776 टैबलेट्स वितरित किए जाएंगे. इसके बाद पलामू जिले में 2,323, दुमका में 1,797, पश्चिम सिंहभूम में 1,772, रांची में 1,456, गढ़वा में 1,265, हजारीबाग में 1,201, सिमडेगा में 468, खूंटी में 491 और रामगढ़ में 468 टैबलेट्स शिक्षकों को सौंपे जाएंगे.
सुरक्षा और
जवाबदेही
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टैबलेट्स की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों के हेडमास्टर और शिक्षकों की होगी. यदि टैबलेट चोरी हो जाता है या फिजिकल डैमेज होता है, तो उसका हर्जाना शिक्षकों से ही वसूला जाएगा.
सरकार की पहल से शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा लाभ
इस पहल से न केवल सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि शिक्षकों को भी ट्रेनिंग के दौरान अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने का अवसर मिलेगा. सरकार की इस योजना से झारखंड के प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र में एक नया बदलाव आएगा और छात्रों को डिजिटल लर्निंग से जोड़ा जाएगा.
झारखंड सरकार के इस निर्णय से यह साफ हो जाता है कि अब सरकारी स्कूलों में शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल माध्यमों का भी सहारा लिया जाएगा.

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