चुनावी हार, SIR और आपातकाल... 2 नवंबर को झारखंड में कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का सड़क पर संग्राम
झारखंड में बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है. 2 नवंबर से शुरू होने वाली इस पदयात्रा के पहले चरण में रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका को शामिल किया गया है.

Ranchi: झारखंड में बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है. अब यह लड़ाई सिर्फ बयानबाजी तक नहीं रहेगी, बल्कि पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर कांग्रेस को घेरेंगे. बीजेपी ने इसके लिए 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान तैयार किया है. 2 नवंबर से शुरू होने वाली इस पदयात्रा के पहले चरण में छह जिलों को चुना गया है. पार्टी का निशाना चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर कांग्रेस के सवालों को लेकर है. बीजेपी इसे कांग्रेस की चुनावी हताशा बता रही है और जनता के बीच उसकी राजनीति को बेनकाब करने का दावा कर रही है. दिलचस्प यह है कि इस अभियान में एसआईआर से लेकर आपातकाल और नेपाल-बांग्लादेश की घटनाओं तक का जिक्र होगा. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कामकाज को भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया जाएगा.
कांग्रेस के खिलाफ मैदान में उतरेंगे बीजेपी कार्यकर्ता, 6 जिलों में तय हुआ कार्यक्रम
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर पहले चरण की पदयात्रा 2 नवंबर को रांची से शुरू होगी. 3 नवंबर को गिरिडीह और हजारीबाग, 4 नवंबर को पलामू तथा 5 नवंबर को जमशेदपुर और दुमका में कार्यक्रम आयोजित होंगे. दीपावली से पहले छह जिलों में अभियान चलाने के बाद छठ महापर्व के संपन्न होने पर बाकी जिलों में भी पदयात्रा निकाली जाएगी. इस अभियान के लिए पार्टी ने जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं. रांची में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह प्रभारी होंगे. गिरिडीह में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग में पूर्व विधायक बिरंची नारायण को जिम्मेदारी दी गई है. पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा कार्यक्रम के प्रभारी बनाए गए हैं. बीजेपी का दावा है कि हर जिले में हजारों कार्यकर्ता और आम लोग पदयात्रा में शामिल होंगे. पार्टी की कोशिश इस अभियान को बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम में बदलने की है.
SIR और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवालों को बनाएगी बीजेपी अपना हथियार
बीजेपी के इस अभियान का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा चुनाव आयोग और एसआईआर है. प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उसकी हताशा और निराशा को दिखाता है. बीजेपी इस अभियान के जरिए कांग्रेस की दोहरी राजनीति को जनता के सामने रखेगी. पार्टी एसआईआर के समर्थन में भी लोगों के बीच जाएगी. मनोज सिंह ने कहा कि मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर उन्हें दुरुस्त करना जरूरी है. इससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी बनेगी और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया मजबूत होगी. कांग्रेस को घेरने के लिए बीजेपी आपातकाल का मुद्दा भी उठाएगी. मनोज सिंह ने कहा कि कांग्रेस आज संविधान और लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन देश आपातकाल के उस दौर को नहीं भूला है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया था. उन्होंने गांधी परिवार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर परिवार को रखने की राजनीति करने का आरोप लगाया.
नेपाल-बांग्लादेश से लेकर मोदी सरकार के 12 साल तक, पदयात्रा में उठेंगे कई मुद्दे
बीजेपी इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का संदर्भ भी शामिल करने जा रही है. मनोज सिंह ने नेपाल और बांग्लादेश की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में तख्तापलट जैसी अराजक सोच रखने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी. वहीं, पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, सुशासन और विकास कार्यों को भी जनता तक पहुंचाया जाएगा. यानी बीजेपी एक तरफ कांग्रेस को चुनाव आयोग, एसआईआर और आपातकाल के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार के कामकाज को अपनी राजनीतिक ताकत के तौर पर पेश करेगी. मनोज सिंह ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. पार्टी का दावा है कि यह पदयात्रा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अभियान बनेगी.

