तीन योजनाएं ऐसी चुनें जिससे डेढ़ साल में जनता को मिलने लगे लाभ, सीएम का सभी विभागों को निर्देश
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि कम से कम तीन ऐसी योजनाओं का चयन करें, जिसका लाभ एक से डेढ़ साल के अंदर जनता को दिया जा सके. सीएम ने कहा कि ये योजनाएं धरातल पर तय समय सीमा में प्...


Ranchi:
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि कम से कम तीन ऐसी योजनाओं का चयन करें, जिसका लाभ एक से डेढ़ साल के अंदर जनता को दिया जा सके. सीएम ने कहा कि ये योजनाएं धरातल पर तय समय सीमा में प्रभावी तरीके से उतरनी चाहिए. योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका त्वरित और पूर्ण समाधान निकालें. उन्होंने अफसरों से कहा कि सिर्फ योजनाएं ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी पूरी तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि हर मोर्चे पर राज्य तेजी से आगे बढ़े.
योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही न हो
सीएम ने अफसरों से कहा कि जिन योजनाओं का चयन किया जाए, उसमें पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए. इन योजनाओं का लोगों को सीधा लाभ मिले, इसकी सुनिश्चित व्यवस्था हो. योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इन योजनाओं के लिए जो भी संसाधन की जरूरत हो, उसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें. सरकार की योजनाएं हर हाल में जन-जन तक पहुंचनी चाहिए.
पारदर्शी और प्रभावी हो योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि विभाग जिन योजनाओं का चयन करे वह पूरी तरह पारदर्शी, प्रभावी और असरदायक होनी चाहिए. इसके लिए सकारात्मक और मजबूत कदम उठाए जाएं, ताकि उसका फायदा राज्य की जनता को सहूलियत के साथ मिल सके. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से सरकार पर राज्य की जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा. कहा कि गर्मी के मौसम के पूर्व पेयजल और मॉनसून के पहले जल प्रबंधन तथा जाड़े का मौसम शुरू होने के पूर्व कंबल वितरण की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जानी चाहिए. नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले ही विद्यार्थियों के बीच पठन- पाठन सामग्री और साइकिल का वितरण सुनिश्चित करें.
प्रमाण पत्र के लिए चक्कर न लगाना पड़े
सीएम ने कहा कि लोगों को आय, जाति, आवासीय, जन्म और मृत्यु जैसे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों का काफी चक्कर लगाना पड़ता है. ऐसी शिकायतें लगातार मिलती रहती है. लोगों को कई बार समय पर ऐसे प्रमाण पत्र नहीं मिलने से काफी नुकसान उठाना पड़ता है. यह व्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है. जाति, आवासीय, आय, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का सीधा सरोकार आम जनता से होता है. ऐसे में इस तरह के प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी ना हो, इसकी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखें.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment