चाईबासा DC ने कर दिया Ex CM मधु कोड़ा को बेइज्जत! कैमरा देखते ही तेज आवाज हो जाता है?
नेता लोग जैसे ही कैमरा को देखते हैं उनका आवाज तेज हो जाता है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को एक आईएएस अफसर ने मुंह पर यह बात बोल दी. ये आईएएस हैं चाईबासा के डीसी चंदन कुमार. दरअसल दो दिन पहले चाईबासा में कई आदिवासी संगठनों के लोग NH-220 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नो-ए...


नेता लोग जैसे ही कैमरा को देखते हैं उनका आवाज तेज हो जाता है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को एक आईएएस अफसर ने मुंह पर यह बात बोल दी. ये आईएएस हैं चाईबासा के डीसी चंदन कुमार. दरअसल दो दिन पहले चाईबासा में कई आदिवासी संगठनों के लोग NH-220 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नो-एंट्री की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. सोमवार रात पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस घटना के विरोध में बुधवार को बीजेपी ने पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिला में बंद बुलाया. वहीं मधु कोड़ा मामले पर उचित कार्रवाई करने की मांग को लेकर मानकी, मुंडा और कई समाज के प्रतिनिधियों के साथ डीसी के पास पहुंचे. डीसी ने इन लोगों को तरजीह नहीं दी. तब मधु कोड़ा डीसी पर भड़क गये. उनकी आवाज तेज हो गई. उन्होंने कहा ऐसा लग रहा है कि मानो हमलोग जंगल से उठकर आ गये हैं. इस तरह का व्यवहार नहीं चलेगा. आपको हमारी बात सुननी होगी.
इसी के बाद डीसी ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि देखते हैं नेता लोग जैसे ही कैमरा देखता है उनका आवाज तेज हो जाता है. डीसी की यह बात सुनते ही मधु कोड़ा फिर बिगड़ गये और कहा देखिये नेता है न तबे देश बचा हुआ है. महात्मा गांधी नहीं होते तो देश आजाद नहीं हुआ होता. आप नेता को गाली दे रहे हैं. बिल्कुल गाली दे रहे हैं. बात यहीं खत्म नहीं हुई. महात्मा गांधी का नाम आते ही डीसी ने फिर कहा कि अब आप खुद को महात्मा गांधी से कंपेयर करियेगा तो हम क्या करें.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने मधु कोड़ा और डीसी की नोकझोंक का यह वीडियो अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि चाईबासा में हुई घटना लोकतंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता—दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. इस वीडियो में साफ नजर आ रहा है की कार्यवाही की मांग पर उपायुक्त के पास जब प्रतिनिधिमंडल गया तो कैसे मधु कोड़ा जी, मानकी मुंडा और समाज के कई अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक दुर्व्यवहार हुआ. यह आचरण किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है. अगर झारखंड सरकार में सुचिता और निष्पक्षता का जरा भी भाव बचा है तो डीसी को तुरंत चाईबासा से हटाया जाए.

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