झारखंड में पंचायत फंड पर कट-कमीशन का आरोप, भानु प्रताप शाही ने राज्य सरकार को घेरा
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने झारखंड की पंचायतों के विकास के लिए 2254 करोड़ रुपये की राशि भेजी है, जो राज्य गठन के बाद ग्रामीण विकास के लिए एकमुश्त दी गई सबसे बड़ी

Ranchi: भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की 4342 पंचायतों के विकास के लिए 2254 करोड़ रुपये की राशि भेजी है, जो राज्य गठन के बाद ग्रामीण विकास के लिए एकमुश्त दी गई सबसे बड़ी राशि है. इस फंड से प्रत्येक पंचायत को लगभग 52 लाख रुपये मिलेंगे, जिससे गांवों में स्कूल, अस्पताल, सड़क और पंचायत भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकेगा.
कट-कमीशन की सरकार पर सवाल
भानु प्रताप शाही ने राज्य सरकार पर कट-कमीशन वाली सरकार होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य में एक ऐसा तंत्र काम कर रहा है, जिसे उन्होंने "MBA" कहा – जिसमें एम का मतलब मंत्री, बी का मतलब बिचौलिया और ए का मतलब अधिकारी है. शाही ने आशंका जताई कि पंचायतों के लिए भेजी गई राशि पर इस सिंडिकेट की नजर है, और इससे गांवों के विकास पर असर पड़ सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस राशि में भी कट-कमीशन का खेल हुआ, तो भाजपा इसके खिलाफ आंदोलन करेगी.
वित्तीय वर्ष में खर्च न होने वाले फंड
पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 33,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके और उन्हें सरकार को सरेंडर करना पड़ा. इसे उन्होंने झारखंड सरकार की बड़ी विफलता बताया. शाही ने कहा कि यह सरकार जानबूझकर केंद्र द्वारा भेजे गए फंड का सही इस्तेमाल नहीं कर रही और इससे राज्य के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है.
आवास योजना में घोटाले का आरोप
भानु प्रताप शाही ने आवास योजना पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार ने 8 लाख अबुआ आवास बनाने का वादा किया था, लेकिन पांच साल में एक भी आवास पूरा नहीं हुआ और न ही किसी का गृह प्रवेश कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की पीएम आवास योजना की सूची को अपने अबुआ आवास योजना में शामिल करने का दबाव बना रही है, ताकि अपनी कमी छिपाई जा सके. शाही ने चेतावनी दी कि अगर मंत्री या अधिकारी इस पर कट-कमीशन के बारे में सोच रहे हैं, तो गांवों के लोगों का बहुत बुरा हाल होगा.
नल जल योजना और पीएम जन मन योजना
भानु प्रताप शाही ने नल जल योजना पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि झारखंड देश में इस योजना में नीचे से दूसरे स्थान पर है और अब तक केवल 55 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो पाया है. गांवों में बनाई गई पानी की टंकियां केवल दिखावे की चीज बनकर रह गई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आदिम जनजातियों के लिए केंद्र द्वारा भेजी गई 2050 करोड़ रुपये की पीएम जन मन योजना में भी खर्च की स्थिति संतोषजनक नहीं है.
केंद्र और राज्य संबंध
शाही ने केंद्र और राज्य के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाती है, जबकि वास्तविकता यह है कि मोदी सरकार के 11 वर्षों में झारखंड को मिलने वाले ग्रांट फंड में 16 गुना तक बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद राज्य सरकार ने केंद्र को धन्यवाद देना भी जरूरी नहीं समझा.
पंचायतों के प्रतिनिधियों से अपील
भानु प्रताप शाही ने राज्य के मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों से अपील की कि वे पंचायतों के लिए आई इस राशि के उपयोग पर नजर रखें और सही तरीके से खर्च सुनिश्चित करें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी तरह कट-कमीशन का खेल हुआ तो भाजपा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी.

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