ईरान में अमेरिका का ‘सिटी किलर’ B-1B लांसर सक्रिय, 34,000 किलो हथियार और आवाज से तेज रफ्तार से बरपाया कहर
“मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है. यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पहली बार B-1B लांसर रणनीतिक बॉम्बर को मिडिल ईस्ट के ऊपर उड़ान भरते देखा गया है. ”

New Delhi: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है. यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पहली बार B-1B लांसर रणनीतिक बॉम्बर को मिडिल ईस्ट के ऊपर उड़ान भरते देखा गया है. बताया जा रहा है कि यह विमान अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का हिस्सा है, जिसे अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी को शुरू किया था. CENTCOM द्वारा जारी वीडियो में लंबी दूरी तक मार करने वाले ये बॉम्बर मिशन को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहे हैं. खास बात यह है कि अब तक यह माना जा रहा था कि अमेरिका इस अभियान में मुख्य रूप से B-2 बॉम्बर का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन B-1B लांसर के सामने आने से सैन्य रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि B-1B लांसर, जो 75,000 पाउंड (करीब 34,000 किलोग्राम) तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समर्थन में मध्य पूर्व के ऊपर उड़ानें भर रहा है.
तबाही मचाने वाला बॉम्बर माना जाता है B-1B लांसर
B-1B लांसर को अमेरिकी सैनिकों के बीच ‘BONE’ के नाम से भी जाना जाता है. यह नाम B-1 के उच्चारण से बना है. यह एक लंबी दूरी का मल्टी-मिशन सुपरसोनिक बॉम्बर है, जो 1985 से अमेरिकी वायुसेना के बेड़े का हिस्सा है. शुरुआत में इस विमान को परमाणु बम गिराने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन बाद में इसे पारंपरिक हथियारों से सटीक हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी तेज रफ्तार और भारी मात्रा में हथियार ले जाने की क्षमता है.
B-1B लांसर की मुख्य विशेषताएं
- यह विमान 75,000 पाउंड (करीब 34,000 किलोग्राम) तक हथियार ले जा सकता है.
- इसकी अधिकतम गति Mach 1.2 के आसपास है, यानी यह आवाज की गति से भी तेज उड़ सकता है.
- इसमें स्विंग-विंग डिजाइन है, जिससे पंख उड़ान की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं.
- यह लंबी दूरी के अंतरमहाद्वीपीय मिशन के लिए बनाया गया है.
- यह विमान हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता रखता है, जिससे इसकी मारक दूरी बढ़ जाती है.
- क्रूज मिसाइलों और गाइडेड बमों से सटीक हमला करने में सक्षम है.
कई युद्धों में हो चुका है इस्तेमाल
अमेरिका पहले भी इस बॉम्बर का इस्तेमाल अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में सैन्य अभियानों के दौरान कर चुका है. यह दुश्मन के सैन्य अड्डों, बंकरों और रणनीतिक ठिकानों को सटीक निशाना बनाने के लिए जाना जाता है. हालांकि यह पूरी तरह से स्टील्थ बॉम्बर नहीं है, लेकिन इसकी बनावट और उड़ान तकनीक ऐसी है कि दुश्मन के रडार पर इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है. यह पहाड़ों और घाटियों के बेहद करीब उड़कर अचानक हमला करने में सक्षम है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की कुद्स फोर्स और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए B-1B लांसर का इस्तेमाल अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक हथियार साबित हो सकता है.


