सारंडा में निर्णायक लड़ाई! नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण फायरिंग, एक घंटे तक गूंजती रहीं गोलियां
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शनिवार सुबह मुठभेड़ हुई. कोलबोंगा-गिंडुंग इलाके में करीब एक घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया.

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने Saranda Forest में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. जानकारी के अनुसार मनोहरपुर के जराइकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलबोंगा-गिंडुंग सीमा के जंगल में करीब एक घंटे तक दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चलीं. इस दौरान पूरे इलाके में गोलियों की आवाज गूंजती रही, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया था, तभी जंगल में मौजूद नक्सलियों के दस्ते से उनका सामना हो गया और मुठभेड़ शुरू हो गई. ऑपरेशन के दौरान हवाई निगरानी और हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल की भी सूचना सामने आई है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. फिलहाल सुरक्षा बल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और जंगल के अंदर गहराई तक अभियान जारी है.
कोलबोंगा-गिंडुंग जंगल में घंटेभर चली मुठभेड़
शनिवार सुबह करीब नौ बजे सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि कोलबोंगा और गिंडुंग गांव के आसपास के जंगल में नक्सलियों का एक दस्ता सक्रिय है. इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां चलाईं और करीब एक घंटे तक दोनों ओर से गोलीबारी होती रही. इस दौरान जंगल और आसपास के गांवों में गोलियों की आवाज गूंजती रही, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है.
31 मार्च की समयसीमा से पहले तेज हुआ अभियान
केंद्र सरकार द्वारा देश से वामपंथी उग्रवाद खत्म करने के लक्ष्य के तहत मार्च 2026 तक अभियान तेज किया गया है. इसी रणनीति के तहत सारंडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. पहले भी यहां बड़े ऑपरेशन चलाए जा चुके हैं, जिनमें कई नक्सली मारे गए और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार दबाव के कारण नक्सल संगठन कमजोर पड़ा है, लेकिन जंगल के अंदर अभी भी छोटे-छोटे दस्ते सक्रिय हैं.
नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर चला सर्च ऑपरेशन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को पहले से ही जंगल में नक्सलियों के एक दस्ते की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी. इसी आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया था. बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने चाईबासा का दौरा कर नक्सल विरोधी अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए थे. उसी के बाद से सारंडा के कई इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल अभी भी जंगल के अंदर अभियान जारी रखे हुए हैं ताकि नक्सलियों के संभावित ठिकानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके.

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