झारखंड में खुलेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज, इटकी में रिम्स-2 बनेगा
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का बड़ा रोडमैप पेश किया. उन्होंने 8 नए मेडिकल कॉलेज, इटकी में रिम्स-2, मेडिको सिटी, ट्रॉमा सेंटर और नई एंबुलेंस सेवाएं शुरू करने की योजना की जानकारी दी.

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया. मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार करने जा रही है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े. उन्होंने बताया कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खोलने, आधुनिक अस्पताल बनाने और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में रांची के इटकी में रिम्स-2 स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिसे भविष्य में एशिया के बड़े अस्पतालों में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही राज्य में ट्रॉमा सेंटर, हाईटेक एंबुलेंस और सस्ती दवाओं की सुविधा बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं तैयार की गई हैं.
राज्य में खुलेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि पिछले करीब 25 वर्षों में झारखंड में कुल 9 मेडिकल कॉलेज ही स्थापित हो पाए थे, लेकिन अब सरकार एक ही वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और खूंटी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. इसके बाद दूसरे चरण में गोड्डा, साहिबगंज और सरायकेला में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना है. मंत्री ने यह भी कहा कि रांची के ब्राम्बे इलाके में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव है. इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से राज्य में मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाया जाएगा और डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी.
इटकी में बनेगा रिम्स-2, मेडिको सिटी की भी योजना
सरकार की योजना के तहत रांची के इटकी क्षेत्र में रिम्स-2 बनाने की तैयारी की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा. पहले चरण में यहां लगभग 1400 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि दूसरे चरण में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 2600 बेड तक की जाएगी. इसके अलावा राज्य में एक आधुनिक मेडिको सिटी स्थापित करने की योजना भी तैयार की गई है. इस परियोजना पर करीब 3871 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है. सरकार का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं विकसित होने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बाहर के बड़े शहरों में जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी.
मुफ्त जांच और नई एंबुलेंस की योजना
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार कई अन्य योजनाओं पर भी काम कर रही है. मंत्री ने बताया कि राज्य में 25 हाईटेक ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होगी. सभी मेडिकल कॉलेजों और प्रमुख अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. इसके अलावा एमजीएम जमशेदपुर, धनबाद और रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब स्थापित करने की योजना है ताकि हृदय रोग से जुड़े मरीजों का इलाज राज्य में ही हो सके. गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुफ्त देने की भी घोषणा की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में पहले चरण में 750 ‘अबुआ दवा स्टोर’ खोले जाएंगे, जहां लोगों को सस्ती दवाएं मिलेंगी. साथ ही 237 नई हाईटेक एंबुलेंस खरीदी जाएंगी, जो लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस होंगी. मंत्री ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 7500 एएनएम और जीएनएम की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके.

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