झारखंड में प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में दिख रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन को लेकर अंदरखाने राजनीति चरम पर है.
हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को संसद में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

झारखंड में चुनाव आयोग 20 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने जा रहा है. इस दौरान BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. प्रारूप वोटर लिस्ट 5 अगस्त को जारी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP की जीत पर बधाई दी. Jungle Mahal क्षेत्र में 40 में से 38 सीटों पर मिली जीत को लेकर दोनों नेताओं के बीच अहम चर्चा हुई.
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद सियासी माहौल तेजी से हिंसक होता नजर आ रहा है. भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद जहां सरकार गठन की प्रक्रिया जारी है, वहीं राज्य के कई हिस्सों से आगजनी, तोड़फोड़ और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मिथिलेश ठाकुर ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान ऐसा माहौल बनाया गया, जिससे आम लोगों में भय पैदा हुआ और मतदान प्रभावित हुआ.
पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत का असर अब शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है. निवेशकों को उम्मीद है कि राज्य में नई सरकार के आने से औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी आएगी, जिसका सीधा फायदा कंपनियों को मिलेगा.

India के 2026 विधानसभा चुनावों ने राजनीति की दिशा बदलने के साफ संकेत दिए हैं. इन चुनावों में कुछ नए चेहरों ने शानदार प्रदर्शन कर खुद को बड़े नेता के रूप में स्थापित किया, जबकि कई दिग्गज नेताओं को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा.
पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना के दौरान आसनसोल और बांकुरा में BJP और TMC समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई. पुलिस और केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रण में किया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में शाम 6 बजे तक मतदान 90 फीसदी के पार पहुंच गया, जबकि चुनाव आयोग के मुताबिक 5 बजे तक 89.99% वोटिंग दर्ज हुई थी. दिनभर कई जिलों से ईवीएम खराबी, बूथों पर हंगामा, हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें सामने आईं.