
कितने विधानसभा सीटों पर बीजेपी को डैमेज करेंगे यशवंत ?
विधानसभा चुनाव में यशवंत की पार्टी की हालत वैसी ही होने की संभावना है जैसी सरयू राय के संरक्षण वाली पार्टी भाजमो की लोकसभा चुनाव में हुई है.

विधानसभा चुनाव में यशवंत की पार्टी की हालत वैसी ही होने की संभावना है जैसी सरयू राय के संरक्षण वाली पार्टी भाजमो की लोकसभा चुनाव में हुई है.

मोदी ने कहा कि इस देश की सबसे बेईमान एक ही पार्टी कांग्रेस है. JMM कांग्रेस से भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग लेता है.

बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा लिये ये तीनों नेता बीजेपी में आ तो गये हैं, लेकिन सबको टिकट मिलेगी उसकी कोई गारंटी नहीं है.

रांची : बरकट्ठा से निर्दलीय विधायक अमित यादव आज बीजेपी में शामिल हो सकते है. उनके साथ गांडेय विधानसभा के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा और जैप 9 के डीएसपी नवनीत हेंब्रम भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आज दोपहर 2:15 में मिलन समारोह का आयोजन किया गया है.

विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

हेमंत ने कहा, पहले डबल इंजन की सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं था, महिलाओं को देने के लिए नहीं था लेकिन बड़े-बड़े अरबपतियों को देने के लिए इनके पास करोड़ो-करोड़ निकलता है.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

शिवराज ने कहा कि इस सरकार ने 5 साल में एक वादा पूरा नहीं किया. 2 हजार रुपए चूल्हा खर्च देने का वादा किया था. अब चुनाव के समय केवल 1 हजार रुपए पकड़ाकर जाल बिछा रहे हैं .

सूर्यनारायण हांसदा ने साफ कहा है कि वे ही बोरियो से बीजेपी के टिकट के असली हकदार हैं. हर हाल में चुनाव लड़ेंगे. ताला मरांडी और लोबिन हेंब्रम का जनाधार पूरी तरह से खत्म हो चुका है.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.

हेमंत सोरेन ने बीजेपी के नेताओं को राजनीतिक गिद्ध बताया. असम के सीएम हेमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहाण का नाम लिये बिना दोनों पर जमकर हमला किया.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.