“देश घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकते”, शुरू होगा हाईपावर डेमोग्राफी मिशन… लाल किले से प्रधानमंत्री की घोषणा
New delhi: 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया. इस मौके पर उन्होंने देश को संबोधित किया. पीएम ने लाल किले से घुसपैठियों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया. कहा, “मैं देश को एक चिंता, एक चुनौती से आगाह करना चाहता हूं. एक सोची-समझी स...


New delhi: 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया. इस मौके पर उन्होंने देश को संबोधित किया. पीएम ने लाल किले से घुसपैठियों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया. कहा, “मैं देश को एक चिंता, एक चुनौती से आगाह करना चाहता हूं. एक सोची-समझी साजिश के तहत, देश की जनसांख्यिकी बदली जा रही है, एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. घुसपैठिए देश के युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं. वे देश की बहनों-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. घुसपैठिए हमारे भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह करके उनकी जमीन हड़प लेते हैं, देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा. जब सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकी परिवर्तन होता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा करता है. कोई भी देश इसे घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता. इसलिए हमने एक 'हाईपावर डेमोग्राफी मिशन' शुरू करने का फैसला लिया है.
पाकिस्तान की नींद उड़ गई
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने लोगों को धर्म पूछ–पूछकर मारा. इसके बाद हमने आतंक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेना को खुली छूट दी. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को कल्पना से परे सजा दी है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में पैदा हुए आक्रोश की अभिव्यक्ति है और इस अभियान से पाकिस्तान में ऐसी तबाही हुई है कि उसकी नींद उड़ी हुई है. हमारा देश कई दशकों से आतंकवाद को सहता आया है. आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों ने हमारे देश के सीने को छलनी कर दिया है. लेकिन अब भारत ने ठान लिया है अब वह ‘न्यूक्लियर ब्लैकमैल’ नहीं सहेगा.
सिंधु समझौता एकतरफा था
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ठान लिया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे. हमारी नदियों का पानी अब दुश्मनों तक नहीं जाएगा. यह पानी भारत के किसानों का अधिकार है और उन्हें ही मिलेगा. सिंधु समझौता एकतरफा और अन्यायपूर्ण था, इसलिए राष्ट्रहित में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. कहा कि गुलामी के दौर ने हमें गरीब बना दिया था, इसलिए आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है. हमारी ताकत को बचाने और बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता ही रास्ता है. ऑपरेशन सिंदूर में हमने देखा कि मेड इन इंडिया हथियारों ने कमाल कर दिया. दुश्मन समझ ही नहीं पाए कि हमारे पास कौन-कौन से हथियार हैं. अगर हम आत्मनिर्भर न होते तो इतनी तेजी से ऑपरेशन करना मुश्किल होता. पहले यह चिंता रहती कि हथियार कब और कहां से मिलेंगे. लेकिन मेड इन इंडिया ने सेना को वह शक्ति दी जिससे वह बिना रुकावट और बिना हिचकिचाहट दुश्मनों का सामना करती रही.
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने का काम चल रहा है. आने वाले समय में परमाणु ऊर्जा की क्षमता को 10 गुना तक बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर बनाने की योजना 50-60 साल पहले बनी थी, लेकिन फाइलें अटक गईं और काम आगे नहीं बढ़ सका. अब मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर बाजार में उतरेगा. अभी छह यूनिट बन चुकी हैं और चार और को मंजूरी मिल गई है. इस साल के अंत तक भारत में बने सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में आ जाएंगे. ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनना जरूरी है, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और गैस पर हम अन्य देशों पर निर्भर हैं और भारी खर्च करना पड़ता है.

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