महाराष्ट्र चुनाव में हुए वोट चोरी, राहुल गांधी ने सबूतों के साथ चुनाव आयोग पर उठाये सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाया है. सबूतों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है. राहुल गांधी ने कहा कि 5 महीने में बड़ी संख्या में नए वोटर जुड़े. महाराष्ट्र विधानसभा में वोटिंग के दिन शाम पांच बजे के बाद व...


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाया है. सबूतों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है. राहुल गांधी ने कहा कि 5 महीने में बड़ी संख्या में नए वोटर जुड़े. महाराष्ट्र विधानसभा में वोटिंग के दिन शाम पांच बजे के बाद वोटिंग में तेज इजाफा हुआ. हमें बाद में पता चला कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच एक करोड़ नए वोटर्स मतदाता सूची में जुड़े. कहा कि वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग जवाब देना चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि क्या वोटर लिस्ट सही है या गलत?
5 महीने में 5 लाख से ज्यादा मदतादा जुड़े
राहुल गांधी ने कहा कि 'महाराष्ट्र में, 5 महीनों में 5 साल से ज्यादा मतदाताओं के जुड़ने से हमारा संदेह बढ़ा और फिर शाम 5 बजे के बाद मतदान में भारी उछाल आया. लोकसभा चुनाव में हमारे गठबंधन ने स्विप किया, जबकि विधानसभा में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ हो गया. यह बेहद संदिग्ध है. राहुल गांधी ने कहा कि हमने पाया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़ गए. साफ है कि महाराष्ट्र चुनाव चुराया गया था.
लोकतंत्र की नींव कमजोर करने की साजिश
उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के नाम फेक एड्रेस पर दर्ज, हजारों वोटर्स ने कई राज्यों में वोटिंग की. कर्नाटक के माधवपुरा विधानसभा सीट के सर्वे का खुलासा करते हुए कहा कि दावा किया कि 1,00,250 फर्जी वोटरों की पहचान की गई है. उन्होंने इसे “वोट चोरी” करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने की साजिश रची गई है.
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी आंकड़ों की हेराफेरी नहीं है, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ने इन आंकड़ों को सत्यापित किया है और इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति” है. ताकि लोकतंत्र को कमजोर किया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि ये इक्कीसवीं सदी है. आप एक हार्ड ड्राइव में सौ साल, दो सौ साल का पूरा डेटा स्टोर कर सकते हैं. फिर भी आज, इस दौर में सीसीटीवी खराब हो जाता है, वॉटरलेस डेटा नहीं दिया जाता, कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता. तो क्या इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है?

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts




Leave a comment