बंगाल में UP स्टाइल एनकाउंटर! रेप-मर्डर केस का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर फायरिंग की और भागने की कोशिश की.

West Bengal: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपी क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग भी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान भागने की कोशिश, पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, बरुईपुर थाना कांड संख्या 1350/26 के तहत गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे सूरज्यापुर हाट इलाके में क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाया गया था. जांच टीम घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण कर रही थी, तभी आरोपी ने मौके पर तैनात एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली. पुलिस का दावा है कि हथियार हाथ लगते ही आरोपी ने टीम पर एक राउंड फायरिंग की और मौके से भागने का प्रयास किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तत्काल बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने एनकाउंटर की वैधानिक जांच शुरू कर दी है.
4 जुलाई को लापता हुई थी नाबालिग, बोरे में मिला था शव
यह मामला 4 जुलाई को सामने आया था, जब एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी. अगले दिन दक्षिण 24 परगना के सूरज्यापुर हाट इलाके में एक बोरे के अंदर उसका शव बरामद हुआ. शुरुआती जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका सामने आने पर पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. नाराज लोगों ने बरुईपुर-जयनगर रोड जाम कर दिया, टायर जलाकर प्रदर्शन किया और कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की. इसी दौरान भीड़ ने अपराध में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिसकी बाद में पहचान इंद्रजीत मंडल के रूप में हुई. पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरे प्रकरण की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.
आरोपी की मां ने शव लेने से किया इनकार
मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की मौत की सूचना देने जब पुलिस उसके घर पहुंची तो उसकी मां ने अस्पताल जाने और शव लेने से साफ इनकार कर दिया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने पुलिस से कहा कि बेटे ने जो किया, उसका परिणाम उसे मिल गया और अब वे उसका शव लेने नहीं जाएंगी. उन्होंने पुलिस से कहा कि शव का अंतिम संस्कार या अन्य प्रक्रिया प्रशासन अपने स्तर पर पूरी करे. आरोपी की मां की इस प्रतिक्रिया की इलाके में काफी चर्चा हो रही है. हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.
सरकार का सख्त रुख, हिंसा और लिंचिंग मामले में भी होगी कार्रवाई
घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि यदि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा में शामिल करीब 200 लोगों की पहचान कर ली गई है. साथ ही स्पष्ट किया कि भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे गए इंद्रजीत मंडल प्रारंभिक जांच में निर्दोष पाए गए हैं और उनकी हत्या में शामिल लोगों पर हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सूरज्यापुर में पुलिस चौकी स्थापित करने और दोनों प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने का भी आश्वासन दिया.

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