10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में दो दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा
साहिबगंज के राजमहल व्यवहार न्यायालय ने 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने के आठ साल पुराने मामले में दिवाकर मंडल और प्रभाकर मंडल को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट -
Sahebganj: व्यवहार न्यायालय राजमहल के एसडीजेएम हुसामुद्दीन वारिस की अदालत ने वर्ष 2018 के रंगदारी मांगने के मामले में फैसला सुनाया है. अदालत ने कसवा निवासी दिवाकर मंडल और प्रभाकर मंडल को दोषी करार देते हुए दोनों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा.
10 लाख रुपये रंगदारी मांगने का था आरोप
मामला राजमहल थाना क्षेत्र से जुड़ा है. मखानी निवासी संजय भुवानियां ने 24 जनवरी 2018 को राजमहल थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि दिवाकर मंडल और प्रभाकर मंडल ने उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी. शिकायतकर्ता का आरोप था कि रंगदारी की रकम नहीं देने पर दोनों आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी. आवेदन के आधार पर राजमहल थाना में कांड संख्या 16/18 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी.
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पांच गवाहों की गवाही कराई गई. इसके अलावा जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया. सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया और तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई.
आठ साल पुराने मामले में आया फैसला
करीब आठ साल पुराने रंगदारी कांड में अदालत के इस फैसले के बाद दोनों दोषियों को जेल की सजा भुगतनी होगी. न्यायालय के फैसले को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है.

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