14 दिन की रिमांड के बाद जेल भेजे गए मिसिर बेसरा समेत तीन माओवादी, NIA-IB ने की पूछताछ
Misir Besra News: 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा समेत तीन आरोपियों की 14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी हो गई. इसके बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.


Ranchi: झारखंड में गिरफ्तार किए गए शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा और उसके दो सहयोगियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद लाया गया, जहां सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. मिसिर बेसरा भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य के तौर पर लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था. उसकी गिरफ्तारी के बाद NIA, IB और झारखंड पुलिस की टीमों ने उससे माओवादी संगठन की संरचना, नेटवर्क और गतिविधियों को लेकर पूछताछ की. अब तीनों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद जांच एजेंसियां पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती हैं. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को झारखंड में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना गया है.
14 दिन की पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेजा गया
मिसिर बेसरा, मेहनत उर्फ मोछू और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ की पुलिस रिमांड बुधवार को पूरी हो गई. इसके बाद तीनों को धनबाद लाया गया और मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. तीनों को 31 जुलाई को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद से रांची ले जाया गया था. वहां अलग-अलग सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की. गिरफ्तारी के समय भी मिसिर बेसरा के साथ उसके दो सहयोगियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी. मेडिकल जांच के दौरान सदर अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी. पुलिस की निगरानी में प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों को जेल ले जाया गया.
संगठन के नेटवर्क और फंडिंग को लेकर पूछताछ
रिमांड के दौरान जांच एजेंसियों का फोकस माओवादी संगठन की गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी हासिल करने पर रहा. पूछताछ में संगठन के संपर्कों, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और सहयोगियों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाने की कोशिश की गई. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से पहले भी सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसके पीछे लगी थीं. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उसके खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई मामले दर्ज हैं. जांच एजेंसियों के लिए अब रिमांड के दौरान मिली जानकारी अहम हो सकती है. इससे माओवादी संगठन से जुड़े दूसरे लोगों, संसाधनों और नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलने की संभावना है.
कौन हैं मिसिर बेसरा के साथ गिरफ्तार दोनों माओवादी?
मिसिर बेसरा के साथ गिरफ्तार किए गए मेहनत उर्फ मोछू और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मेहनत पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र में हुई थी. सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में उसे पकड़ा गया. गिरफ्तारी के समय उसके साथ माओवादी संगठन से जुड़े अन्य लोगों के अलावा दो ग्रामीणों को भी हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी. मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था. वर्ष 2009 में लखीसराय कोर्ट परिसर पर हमला कर उसे पुलिस हिरासत से छुड़ाए जाने की घटना भी उसके आपराधिक इतिहास का अहम हिस्सा रही है. अब न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी. रिमांड के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर एजेंसियां माओवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और गतिविधियों की पड़ताल कर सकती हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
VIDEO: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में भाजपा सांसदों का प्रदर्शन
JPSC परीक्षा घोटाला: FRO-ACF में 5.80 करोड़ की कथित वसूली, सिविल सेवा में 70 लाख तक का रेट!






Leave a comment