मारा गया 1 करोड़ का ईनामी नक्सली विवेक, 80 के दशक में रखा था नक्सलवाद की दुनिया में कदम, 60 से ज्यादा मामले हैं दर्ज
Ranchi : बोकारो के ललपनिया में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के मुठभेड़ में एक करोड़ का ईनामी नक्सली विवेक मारा गया है. मुठभेड़ में विवेक समेत 8 नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है. ललपनिया के लुगु बुरु पहाड़ की तलहटी में हुई मुठभेड़ में ये सभी नक्सली मारे गये हैं. मारे गये अन्य नक्सलियों पर भी ...


Ranchi :
बोकारो के ललपनिया में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के मुठभेड़ में एक करोड़ का ईनामी नक्सली विवेक मारा गया है. मुठभेड़ में विवेक समेत 8 नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है. ललपनिया के लुगु बुरु पहाड़ की तलहटी में हुई मुठभेड़ में ये सभी नक्सली मारे गये हैं. मारे गये अन्य नक्सलियों पर भी करीब 50 लाख रुपये का ईनाम था. मुठभेड़ में मारे गये साहेब राम मांझी और अरविंद यादव शामिल हैं. अरविंद यादव पर पुलिस ने 25 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. वहीं साहेब राम पर 10 लाख रुपए का इनाम रखा था. इस तरह पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ के नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है.
सर्च ऑपरेशन जारी
सुरक्षा बलों और नक्सलियों में आज सुबह चार बजे से ललपनिया से सटे चोरगांवां के सोसो टोला के निकट लुगू पहाड़ की तलहटी में मुठभेड़ शुरू हुई. दोनों तरफ से हुई सैकड़ों राउंड की फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा. मारे गये नक्सलियों के पास से चार इंसास राइफल, एक एसएलआर और एक रिवॉल्वर बरामद हुए हैं. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी हैं.
नक्सली सरेंडर करें नहीं तो गोली खाएं : डीजीपी
सेंट्रल कमिटी मेंबर के एक करोड़ इनामी समेत आठ नक्सलियों के मारे जाने की घटना को ऐतिहासिक उपलब्धि कहा जा सकता है. डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पुलिस हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि चाईबासा में शहीद हुए जवान का हमने बदला लिया. अब हमारा पूरा फोकस चाईबासा में नक्सलियों को खत्म करने पर रहेगा. डीजीपी ने कहा कि नक्सली आत्मसमर्पण करें, नहीं तो गोली खाने के लिए तैयार रहें. बहुत जल्द ही झारखंड से नक्सलियों का सफाया कर दिया जायेगा.
पड़ोसी राज्यों मे भी फैला था विवेक का नेटवर्क
80 के दशक में नक्सलवाद की दुनिया में कदम रखने वाला प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मूल रूप से धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के दलबूढ़ा गांव का रहने वाला था. विवेक न सिर्फ पारसनाथ और झुमरा पहाड़ इलाके में सक्रिय था, बल्कि छतीसगढ़, बिहार और पश्तिम बंगाल जैसे राज्यों में भी उसका नेटवर्क फैला हुआ था. उसके खिलाफ सिर्फ गिरिडीह, बोकारो, चाईबासा और धनबाद जिले में 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. भाकपा माओवादी संगठन के सेंट्रल कमिटी सदस्य प्रयाग विवेक को 2023 में पारसनाथ और झुमरा पहाड़ियों की कमान सौंपी गयी थी.
कुछ महीने पहले ही हुई थी पत्नी की मौत
विवेक की पत्नी जया मांझी की 21 सितंबर 2024 को रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. वह गॉल ब्लैडर कैंसर से पीड़ित थी. 25 लाख की इनामी नक्सली जया मांझी को गिरिडीह पुलिस ने 16 जुलाई 2024 को धनबाद के एक अस्पताल से गिरफ्तार किया था. जया मांझी भाकपा माओवादी संगठन के महिला विंग की सदस्य थी और वह इस विंग का कामकाज देखती थी. लेकिन बीमारी के कारण अंडरग्राउंट हो गयी थी. इसी बीच इलाज के दौरान उसे पकड़ लिया गया था.

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