गिरिडीह में फिर खाट पर सिस्टम, जिम्मेवार कौन… पथ, ग्रामीण कार्य या स्वास्थ्य विभाग?
Giridih: झारखंड में ग्रामीण सड़कों का जाल बिछेगा. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1500 किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी. मनरेगा योजना से 7347 ग्रामीण सड़कें बनेंगी. इस तरह की कई योजनाएं और घोषणाएं वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले सरकार ने की थी. पिछले साल और उससे पिछले कई सालों से ऐसी ही योजनाएं ...


Giridih:
झारखंड में ग्रामीण सड़कों का जाल बिछेगा. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1500 किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी. मनरेगा योजना से 7347 ग्रामीण सड़कें बनेंगी. इस तरह की कई योजनाएं और घोषणाएं वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले सरकार ने की थी. पिछले साल और उससे पिछले कई सालों से ऐसी ही योजनाएं और घोषणाएं होती रही है. सरकार दावा भी करती है गांव-गांव सड़क का जाल बिछ चुका है. तो फिर इन 1500 किलोमीटर पीएमजीएसवाई और मनरेगा वाली 7347 ग्रामीण सड़कों में गिरिडीह का जेवड़ा गांव कैसे छूट गया. क्यों आज तक इस गांव में सड़क नहीं बनी. गलती सड़क बनाने वाले विभाग की और फिर कोसा जाएगा स्वास्थ्य विभाग को, जी हां क्योंकि एक बार फिर आ गया है सिस्टम खाट पर. गिरिडीह जिले का मामला है, जहां देवरी प्रखंड के खटोरी पंचायत के जेवडा गांव में खाट में लादकर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया गया है.
गांव तक नहीं पहुंच सकता एंबुलेंस
आदिवासी बहुल खटोरी पंचायत के जेवडा गांव में आज तक सड़क नहीं बनी है. लोग सालों से सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि सुनते ही नहीं. सड़क नहीं रहने की वजह से एक गर्भवती महिला को खाट पर टांगकर अस्पताल पहुंचाया गया है. बताया जाता है कि नरेश सोरेन की 19 वर्षीय पत्नी सलगी मुर्मू गर्भवती थी. अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गया. परिजन महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन सड़क इतनी खराब है कि मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए न यहां एंबुलेंस या दूसरा कोई वाहन पहुंच सकता है. तब परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से महिला को खाट पर लेटाया और उस खाट को कंधे पर उठाकर निकल पड़े अस्पताल के लिए.
पहले भी ऐसे ही अस्पताल पहुंचाये जाते रहे हैं मरीज
महिला को खटिया पर लेटा कर पहले मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया और फिर वहां से तिसरी स्थित स्वास्थ्य केंद्र ला जाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि आज तक इस गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए सड़क नहीं बनी. मिट्टी की सड़क और फिर नदी पार कर लोग मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं. बारिश की वजह से सड़क का हाल खराब है और नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है. खाट से मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाली यहां के लिए यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार मरीज इसी तरह खाट पर टांग कर अस्पताल पहुंचाये गये हैं.

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