तेज प्रताप का बड़ा खुलासा: आकाश यादव-अनुष्का समेत 8 लोगों पर FIR, ब्लैकमेलिंग से हत्या की साजिश तक का दावा
राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाना में एक विस्तृत प्राथमिकी दर्ज कराकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.

Tej Pratap: जनशक्ति जनता दल नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाना में एक विस्तृत प्राथमिकी दर्ज कराकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. अपनी शिकायत में तेज प्रताप ने आकाश यादव, अनुष्का यादव समेत कुल आठ लोगों को नामजद करते हुए उन पर ब्लैकमेलिंग, अवैध धन उगाही, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, छवि खराब करने और जान-माल की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. तेज प्रताप का दावा है कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई वर्षों से कुछ लोग उनके भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे. शिकायत दर्ज होने के बाद अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
किन 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR?
तेज प्रताप यादव द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है. इनमें आकाश यादव, मनोज यादव, तारा देवी, अनुष्का यादव, मंजीत यादव, विशाल यादव, अभिषेक कुमार सिंह और शुभम कुमार शामिल हैं. शिकायत में तेज प्रताप ने कहा है कि इन सभी लोगों ने मिलकर उनके खिलाफ एक संगठित साजिश रची. उनके अनुसार, जब वह स्वास्थ्य मंत्री थे, उसी दौरान उनकी मुलाकात आकाश यादव और उसके परिवार के सदस्यों से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच संपर्क बढ़ा और संबंध भी अच्छे हो गए. हालांकि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि कुछ लोग उनके राजनीतिक कद और सार्वजनिक छवि का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि समय के साथ इन लोगों ने विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से काम करना शुरू कर दिया.
ब्लैकमेलिंग और छवि खराब करने की साजिश का आरोप
एफआईआर में तेज प्रताप यादव ने सबसे गंभीर आरोप ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का लगाया है. उन्होंने दावा किया कि आकाश यादव ने उन्हें अपने घर बुलाया और परिवार से परिचय कराया. इसके बाद घर आना-जाना शुरू हुआ, लेकिन कुछ समय बाद आकाश यादव ने कथित तौर पर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया. तेज प्रताप के अनुसार, आकाश ने कहा कि उनके घर आने-जाने के वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं और यदि उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो इन वीडियो का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब कर दी जाएगी. शिकायत में कहा गया है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई. तेज प्रताप का आरोप है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि सभी नामजद आरोपी इसमें शामिल थे और लगातार उन्हें मानसिक दबाव में रखने की कोशिश कर रहे थे.
अवैध धन उगाही और पैसों की मांग का आरोप
तेज प्रताप यादव ने अपनी शिकायत में अवैध धन उगाही का भी आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि आकाश यादव समय-समय पर अलग-अलग रकम की मांग करता था. शिकायत के अनुसार, कभी 10 लाख रुपये, कभी 5 लाख रुपये और कभी 2 लाख रुपये की मांग की गई. तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा, राजनीतिक छवि और पारिवारिक सम्मान को बचाने के लिए उन्होंने कई बार मजबूरी में पैसे भी दिए. एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ रकम आकाश यादव की मां तारा देवी और बहन अनुष्का यादव के बैंक खातों में भेजी गई. तेज प्रताप ने दावा किया है कि इन लेन-देन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं. उन्होंने पुलिस से इन वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की मांग की है.
धमकी, लीगल नोटिस और झूठे मुकदमे का दावा
शिकायत के अनुसार, 6 जून को तेज प्रताप यादव को मोबाइल फोन पर धमकी दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि फोन कॉल के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया. इसके बाद उन्होंने 7 जून को आकाश यादव को कानूनी नोटिस भेजा. तेज प्रताप का दावा है कि नोटिस मिलने के बाद आरोपित पक्ष और अधिक आक्रामक हो गया और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने की कोशिश की गई. एफआईआर में कहा गया है कि न्यायालय में उनके खिलाफ की गई शिकायतें केवल दबाव बनाने और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से की गईं. तेज प्रताप का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है.
19 जून को फिर मिली धमकी, पुलिस से कार्रवाई की मांग
तेज प्रताप यादव ने अपनी शिकायत में 19 जून की एक और घटना का भी जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि आरोपितों की ओर से एक व्यक्ति उनके पास भेजा गया, जिसने कथित तौर पर समझौते का प्रस्ताव रखा. शिकायत के अनुसार, उनसे कहा गया कि यदि वे पैसे दे दें तो पूरा मामला शांत कर दिया जाएगा, अन्यथा उनकी छवि को और अधिक नुकसान पहुंचाया जाएगा. साथ ही झूठे मुकदमों और मीडिया प्रचार के जरिए उन्हें फंसाने की धमकी भी दी गई. तेज प्रताप का कहना है कि इन घटनाओं के कारण उन्हें और उनके परिवार को जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता है. उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. अब सचिवालय थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है.


