रांची में स्वाइन फ्लू की दस्तक! RIMS में 8 मरीज मिले; जानें किन लोगों को ज्यादा जोखिम
झारखंड में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है. रिम्स में जांच किए गए सैंपल में 8 में संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी है. रांची में एक डॉक्टर और उनके बेटे समेत कई लोगों के संक्रमित होने की सूचना है.

Ranchi Swine Flu: झारखंड में H1N1 वायरस से होने वाले स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ सकती है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से जांच के लिए भेजे गए संदिग्ध मरीजों के सैंपल में अब तक 8 में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. विभाग में जांच के लिए आए कई सैंपल में H1N1 संक्रमण पाया गया है. राजधानी रांची में भी संक्रमण के कई मामले सामने आने की सूचना है. इनमें रिम्स के एक डॉक्टर और उनके बेटे के संक्रमित होने की बात कही जा रही है.
सिविल सर्जनों को तैयारियां पूरी रखने के निर्देश
स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग फिलहाल आधिकारिक पुष्टि से बचता नजर आ रहा है. हालांकि, राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों और सदर अस्पतालों के उपाधीक्षकों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में एसीएस हेल्थ की ओर से स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए थे. स्वास्थ्य विभाग के एक IEC अधिकारी के मुताबिक, इन निर्देशों का उद्देश्य संभावित मामलों से निपटने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार रखना है. अस्पतालों में मरीजों की जांच, उपचार और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है. अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध मामलों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. हालांकि, राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या को लेकर विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया गया है.
रांची में डॉक्टर और उनके बेटे के संक्रमित होने की सूचना
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजधानी रांची में भी स्वाइन फ्लू के कई मरीज होने की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कार्यरत एक डॉक्टर और उनके बेटे में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है. इसके अलावा एक हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों के भी संक्रमित होने की खबर सामने आई है. रांची के एक निजी अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों के भर्ती होने की सूचना है. हालांकि, इन सभी मामलों की आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से नहीं की गई है. ऐसे में लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है. संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी की जरूरत
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, H1N1 संक्रमण सामान्य तौर पर अधिक खतरनाक नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों के लिए इससे परेशानी बढ़ सकती है. खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है. गंभीर लक्षण होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए.
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर नजर
झारखंड में H1N1 संक्रमण के संभावित बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां महत्वपूर्ण हो गई हैं. राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को पहले से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों की पहचान और उपचार में देरी न हो. फिलहाल रिम्स में जांच किए गए सैंपल में संक्रमण मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि राज्य सरकार की ओर से संक्रमित मरीजों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. लोगों से अपील है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतें और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लें. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण के दौरान विशेष निगरानी की जरूरत हो सकती है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी होने वाले आगामी अपडेट इस मामले में स्थिति को और स्पष्ट कर सकते हैं.


