नेपाल के सीमावर्ती शहर बीरगंज में बीते दिन भड़की हिंसा के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं. प्रशासन ने एहतियातन कर्फ्यू को जारी रखा है और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखा गया है. अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की ढील देने से पहले हालात का लगातार आकलन किया जा रहा है. भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह सख्त बनी हुई है.
हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन की लगातार निगरानी
बीरगंज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती जारी रहेगी. संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और अफवाहों पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में रहें और किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें.
धार्मिक स्थल से जुड़ी घटना के बाद भड़की थी हिंसा
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाने की कथित घटना से हुई थी. इस सूचना के फैलते ही इलाके में तनाव गहराने लगा. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया.
प्रदर्शन के दौरान पथराव और पुलिस कार्रवाई
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में भीड़ और पुलिस आमने-सामने आ गई. हालात बिगड़ने पर पथराव की घटनाएं सामने आईं. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है. प्रशासन का कहना है कि हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया.
भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती, रक्सौल बॉर्डर पूरी तरह सील
बीरगंज में तनाव का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई दिया. एहतियातन रक्सौल बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है. सीमा सुरक्षा बल ने इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. भारत और नेपाल को जोड़ने वाले मैत्री पुल पर हर आने-जाने वाले की सख्त जांच की जा रही है.
अन्य सीमा इलाकों में भी बढ़ाई गई गश्त
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार केवल मैत्री पुल ही नहीं, बल्कि सहदेवा, महदेवा, पनटोका, सिवान टोला और मुशहरवा जैसे अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है. इन इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. डॉग स्क्वायड की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हैं.
दोनों समुदायों की प्रतिक्रियाओं से और बिगड़े हालात
घटना के बाद मुस्लिम समुदाय की ओर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. इसके बाद हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से तनाव बढ़ा और प्रशासन को कर्फ्यू लगाने का फैसला लेना पड़ा.
दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा, शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है. अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
डर और अनिश्चितता के बीच लौटने लगे भारतीय कामगार
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए नेपाल में काम कर रहे कई भारतीय नागरिक अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. लौट रहे लोगों का कहना है कि बीरगंज में बाजार और दुकानें बंद हैं, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. लोगों को उम्मीद है कि हालात सामान्य होने के बाद वे दोबारा लौटेंगे.
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती, नजरें आने वाले घंटों पर
फिलहाल बीरगंज और आसपास के इलाकों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करना है. आने वाले घंटों में हालात किस तरह बदलते हैं, इस पर नेपाल के साथ-साथ भारत की भी पैनी नजर बनी हुई है.

