पुलवामा हमले की बरसी: शहीदों को देशभर में नमन, पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
Pulwama attack की सातवीं बरसी पर देश ने 40 शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. 14 फरवरी 2019 को हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था.

Pulwama attack की सातवीं बरसी पर देश ने 40 शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. 14 फरवरी 2019 को हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.
पीएम मोदी का श्रद्धांजलि संदेश
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शहीदों को याद करते हुए लिखा कि पुलवामा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा हमेशा देशवासियों की सामूहिक चेतना में अमिट रहेंगे. उन्होंने कहा कि हर भारतीय को उनके साहस से प्रेरणा मिलती है.
अमित शाह और जयशंकर ने भी किया नमन
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि पुलवामा में शहीद हुए जवानों का बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा. उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा. विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि जवानों का बलिदान सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को और मजबूत करता है.
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
- केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका अमर बलिदान देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है.
- केंद्रीय राज्यमंत्री Ramdas Athawale ने भी शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है.
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि अमर जवानों का बलिदान आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के संकल्प को और मजबूत करता है.
- विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा.
- एनसीपी-एसपी प्रमुख Sharad Pawar ने भी कहा कि भारतीय सैनिकों का त्याग और बलिदान देश की संप्रभुता की रक्षा का आधार है और पुलवामा के शहीदों को देश कभी नहीं भूलेगा.
क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 को?
14 फरवरी 2019 को श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर जा रहे Central Reserve Police Force (CRPF) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था. काफिले में 78 बसें शामिल थीं, जिनमें करीब 2,500 जवान सवार थे. विस्फोटकों से भरी एक कार ने बस को टक्कर मारी, जिससे बड़ा धमाका हुआ और 40 जवान शहीद हो गए. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed ने ली थी. इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई.
भारत की कार्रवाई
हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए. इनमें पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक भी शामिल थी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. पुलवामा हमला देश के सुरक्षा इतिहास में एक ‘ब्लैक डे’ के रूप में दर्ज है. हर साल यह दिन शहीद जवानों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर बनकर आता है.

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