जयराम महतो विवाद में पुलिसकर्मियों की लामबंदी, मेंस एसोसिएशन बोला- आंदोलन हुआ तो 70 हजार जवान देंगे साथ
जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी विवाद के बीच झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन ने बड़ा ऐलान किया है. अध्यक्ष करण सिंह ने कहा कि राज्यव्यापी आंदोलन होने पर करीब 70 हजार पुलिसकर्मी साथ खड़े होंगे.

Ranchi: डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी से जुड़े विवाद ने अब पुलिस संगठनों के बीच भी हलचल तेज कर दी है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पांच दिन के अल्टीमेटम की अवधि मंगलवार को पूरी होने के बीच पुलिस मेंस एसोसिएशन ने खुलकर समर्थन का ऐलान किया है. संगठन के अध्यक्ष करण सिंह ने साफ कहा कि यदि पुलिस एसोसिएशन राज्यव्यापी आंदोलन का फैसला लेता है, तो मेंस एसोसिएशन के करीब 70 हजार पुलिसकर्मी उसके साथ खड़े होंगे. उन्होंने इसे महज विधायक और पुलिस के बीच विवाद मानने से इनकार करते हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया. हालांकि, संगठन ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है. पुलिसकर्मी हो या जनप्रतिनिधि, किसी की ओर से गलत आचरण सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
अल्टीमेटम खत्म, अब पुलिसकर्मियों की एकजुटता का ऐलान
झारखंड पुलिस एसोसिएशन की ओर से दिए गए पांच दिन के अल्टीमेटम के बीच पुलिस मेंस एसोसिएशन ने अपना रुख साफ कर दिया है. करण सिंह ने कहा कि यदि राज्यभर में आंदोलन का निर्णय लिया जाता है, तो सिपाही से लेकर हवलदार तक के पुलिसकर्मी संगठन के फैसले के साथ खड़े रहेंगे. उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से विवाद को लेकर अलग-अलग टिप्पणियां सामने आ रही हैं, लेकिन संगठन पुलिसकर्मियों के सम्मान के सवाल पर पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार को उचित नहीं ठहराया जा सकता. यदि पुलिसकर्मी ने गलती की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि किसी अन्य पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.
विधायक से जुड़े व्यक्ति की शिकायत का भी मामला
करण सिंह के मुताबिक, पूरा मामला केवल पुलिस और विधायक के बीच विवाद तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि एक पीड़ित परिवार की ओर से थाने में शिकायत दी गई है, जिसमें जयराम महतो से जुड़े एक व्यक्ति का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया है. पुलिस इसी शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है. मेंस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि पुलिस को कार्रवाई करते समय कानून और संविधान की सीमा में रहना होगा. संगठन किसी ऐसे पुलिसकर्मी का बचाव नहीं करेगा, जिसकी गलती जांच में साबित होती है. साथ ही, पुलिसकर्मियों के सम्मान से जुड़े इस विवाद में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के साथ पूरी ताकत से खड़े रहने की घोषणा की गई है.

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