ड्रोन अटैक से हिला पाकिस्तान! अफगानिस्तान ने ISIS कैंप किए तबाह
“अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए हवाई हमलों के बाद अब तालिबान सरकार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमले किए हैं. ”

Afganistan-Pakistan War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए हवाई हमलों के बाद अब तालिबान सरकार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमले किए हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में स्थित ISIS-खोरासान के ठिकानों को निशाना बनाया गया. तालिबान का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था. वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों और हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया में एक नए संघर्ष की आशंका को और मजबूत कर दिया है.
अफगानिस्तान का जवाबी ड्रोन हमला
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान में किए गए ड्रोन हमलों की पुष्टि की है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई ISIS-खोरासान और अन्य चरमपंथी समूहों के खिलाफ की गई है, जो अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला क्षेत्र, चगाई जिले और खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई इलाके में स्थित कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. तालिबान का दावा है कि इन जगहों का इस्तेमाल आतंकियों द्वारा ऑपरेशनल बेस के रूप में किया जा रहा था. मंत्रालय ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान अब अपनी सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर जरूरी कदम उठाएगा. इस कार्रवाई को पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का सीधा जवाब माना जा रहा है, जिसमें अफगानिस्तान को भारी नुकसान हुआ था.
पाकिस्तान के हवाई हमले और बढ़ता तनाव
पाकिस्तान की सेना ने हाल ही में अफगानिस्तान के कई प्रांतों में हवाई हमले किए थे, जिन्हें “ऑपरेशन गजब लिल-हक” के तहत अंजाम दिया गया. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को खत्म करना था. इन हमलों में नंगरहार, पक्तिया, काबुल और कंधार जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं. वहीं अफगानिस्तान का आरोप है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत हुई है. इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है. सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है, जिससे क्षेत्रीय शांति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की आशंका
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी यह सैन्य तनाव केवल दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर पड़ सकता है. लगातार हो रहे सीमा पार हमले और जवाबी ड्रोन स्ट्राइक दोनों देशों के रिश्तों को और खराब कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष नहीं रुका तो यह एक बड़े क्षेत्रीय टकराव का रूप ले सकता है. दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं, जिससे विश्वास की कमी और गहरी हो गई है. अफगानिस्तान का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जबकि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है. इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और कूटनीतिक बातचीत ही एकमात्र समाधान माना जा रहा है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बहाल की जा सके.


