आदिम जनजातियों का अनाज खा गया अधिकारी, 1 करोड़ गबन का आरोपी साहिबगंज सहकारिता पदाधिकारी निलंबित
साहिबगंज के पथना प्रखंड में आदिम जनजातियों के लिए निर्धारित करीब 1 करोड़ रुपये के खाद्यान्न गबन के मामले में सहकारिता पदाधिकारी को विधानसभा सत्र के दौरान निलंबित कर दिया गया.

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गरीबों और आदिम जनजातियों के लिए निर्धारित खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. सदन में उठे इस मुद्दे पर त्वरित जांच कर संबंधित सहकारिता पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. यह मामला साहिबगंज जिले के पथना प्रखंड से जुड़ा बताया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दो दिन पहले ही विधानसभा में इस मामले को उठाते हुए सरकार से दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी. उस समय सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद हुई कार्रवाई
गुरुवार को सदन में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जांच के बाद संबंधित सहकारिता पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आदिम जनजातियों के बीच वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न का सही तरीके से वितरण नहीं किया गया था. शिकायत मिलने के बाद सहकारिता विभाग के सचिव को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई. मंत्री ने यह भी बताया कि निलंबित अधिकारी फिलहाल जामताड़ा में सहकारिता पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे.

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