पटना में NSUI का जोरदार प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ इनकम टैक्स चौराहा पहुंचे प्रदर्शनकारी; वाटर कैनन से रोका
पटना में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की.

Patna: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में थे. इनकम टैक्स चौराहे के पास पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान एक छात्र समेत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.
बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन को देखते हुए इनकम टैक्स चौराहे और आसपास के इलाकों में पहले से ही भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता और छात्र वहां पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ना चाहते थे. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे एक छात्र को हिरासत में लिया. इनकम टैक्स चौराहे के आसपास काफी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता जुटे रहे, जिसके चलते इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
NSUI के प्रदर्शनकारियों ने बिहार में पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा. छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई. इसके अलावा छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को छात्रों और युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में थे.
पप्पू यादव पर हमले के विरोध में भी प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हुए कथित हमले का मुद्दा भी उठाया गया. NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में भी आवाज बुलंद की. प्रदर्शन को देखते हुए आयकर चौराहे पर पुलिस की पहले से तैनाती की गई थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. पुलिस ने बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही.
संयुक्त छात्र युवा संघर्ष मोर्चा ने भी किया प्रदर्शन
पटना में NSUI के प्रदर्शन से एक दिन पहले संयुक्त छात्र युवा संघर्ष मोर्चा ने भी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. सिवान गोलीकांड समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्र और युवा कार्यकर्ता जेपी गोलंबर के पास जुटे थे. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन वे आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहा तक पहुंच गए. वहां भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. प्रदर्शनकारियों ने सिवान गोलीकांड के आरोपित पदाधिकारियों को हटाने और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. इसके अलावा घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई.
शिक्षकों की बहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
संयुक्त छात्र युवा संघर्ष मोर्चा ने शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द बहाली की मांग भी की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन समय पर नियुक्तियां नहीं हो रही हैं. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा के ‘भगवाकरण’ पर रोक लगाने की मांग उठाई. उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए. पटना में लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से छात्र और युवा संगठनों की नाराजगी सामने आ रही है. NSUI और अन्य छात्र संगठनों ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की है. वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है.

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