नीतीश कुमार का नया पता: 7 सर्कुलर रोड, सीएम हाउस से शिफ्ट हो रहा सामान
Nitish Kumar का सामान 1 Anne Marg से 7 Circular Road शिफ्ट हो रहा है, जिससे उनके जल्द मुख्यमंत्री पद छोड़ने के संकेत मिल रहे हैं. बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर NDA में हलचल तेज हो गई है.


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद अभी नहीं छोड़ा है, लेकिन उनकी नई राजनीतिक जिंदगी की तैयारी तेज हो गई है. राज्यसभा सांसद बनने के बाद अब उनका सामान 1 अणे मार्ग (सीएम आवास) से 7 सर्कुलर रोड के बंगले में शिफ्ट किया जा रहा है. 7 सर्कुलर रोड का बंगला नीतीश के लिए नया नहीं है. 2014 में जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था, तब भी यहीं शिफ्ट हुए थे. अब फिर वही बंगला तैयार किया जा रहा है. पटना में यह उच्च सुरक्षा वाला इलाका है. सूत्रों के मुताबिक 11 अप्रैल को JD(U) के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में भी इस शिफ्टिंग पर चर्चा हुई. नीतीश कुमार का फोकस अब पूरी तरह दिल्ली की संसदीय राजनीति पर है. बिहार में नया मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया तेज हो गई है और NDA 13-14 अप्रैल तक नई सरकार बना सकती है. यह बदलाव बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू कर रहा है.
सामान शिफ्टिंग शुरू, सीएम आवास खाली होने लगा
नीतीश कुमार के आवास 1 अणे मार्ग से फर्नीचर और अन्य सामान 7 सर्कुलर रोड भेजा जा रहा है. शनिवार को इस प्रक्रिया की शुरुआत हो गई. हालांकि नीतीश अभी मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं, लेकिन राज्यसभा शपथ के बाद उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जल्द इस्तीफा देंगे. सूत्र बताते हैं कि शिफ्टिंग की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी. बंगले को नीतीश के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है. यह कदम उनके आगामी इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि से पहले ही हो रहा है.
नीतीश का पुराना ठिकाना
7 सर्कुलर रोड का बंगला नीतीश कुमार के लिए परिचित है. 2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू की हार के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था, तब वे इसी बंगले में शिफ्ट हुए थे. तब जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी गई थी. यह बंगला उच्च सुरक्षा वाले इलाके में है. दिलचस्प बात यह है कि अगर नीतीश यहां शिफ्ट होते हैं तो वे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बन जाएंगे.
राज्यसभा शपथ के बाद इस्तीफे की तैयारी
10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को शपथ दिलाई. शपथ लेने के तुरंत बाद नीतीश ने कहा था कि वे तीन-चार दिन में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. उन्होंने पटना लौटकर JD(U) नेताओं से मुलाकात की. 11 अप्रैल को 1 अणे मार्ग पर हुई बैठक में इस्तीफे की रूपरेखा पर चर्चा हुई. नीतीश का कहना है कि उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया, अब दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर काम करना चाहते हैं.
नया मुख्यमंत्री: NDA में तेज हुई कवायद
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. NDA के अंदर सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय जैसे नाम चर्चा में हैं. 11 अप्रैल को JD(U) नेताओं की बैठक में केंद्रीय नेतृत्व को फैसला सौंपने की बात कही गई. सूत्रों के मुताबिक 13 या 14 अप्रैल को NDA विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है. इसमें नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा. यह बिहार में भाजपा के लिए पहली बार मुख्यमंत्री पद का मौका हो सकता है.
दिल्ली फोकस और बिहार राजनीति पर असर
राज्यसभा जाने के बाद नीतीश कुमार का पूरा फोकस दिल्ली पर है. वे दिल्ली में टाइप-8 बंगले की उम्मीद कर रहे हैं. बिहार में उनका शिफ्ट होना बड़े राजनीतिक संकेत दे रहा है. NDA गठबंधन में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलने से सत्ता का समीकरण बदलेगा. विपक्षी दलों ने इसे नीतीश की ‘सेवानिवृत्ति’ बताया है. अखिलेश यादव ने कहा था कि वे चाहते थे नीतीश प्रधानमंत्री बनकर रिटायर हों.
कानूनी चुनौती और भविष्य की तैयारी
7 सर्कुलर रोड बंगले पर 2019 के पटना हाईकोर्ट के आदेश का असर पड़ सकता है. कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने पर रोक लगाई थी. हालांकि नीतीश इस बंगले में पहले भी रह चुके हैं, इसलिए अस्थायी व्यवस्था संभव है. नीतीश कुमार अब बिहार से ज्यादा दिल्ली की संसद और राष्ट्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे. बिहार में नई सरकार बनने के बाद उनका रोल ‘मार्गदर्शक’ या सीनियर सलाहकार के रूप में देखा जा रहा है.

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