अखिलेश यादव से जुड़े पोस्ट पर घिरे निशिकांत दुबे, सपा ने भेजा लीगल नोटिस
अयोध्या के कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले में आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बाद समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्ट हटाने की चेतावनी देते हुए एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाई की बात कही थी.

UP/Ranchi: अयोध्या के कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. यह कार्रवाई आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों और पोस्ट के बाद की गई है. इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को सार्वजनिक तौर पर पोस्ट हटाने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि यदि निर्धारित समय के भीतर पोस्ट नहीं हटाई गई तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अखिलेश यादव ने भाजपा पर समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार करने का आरोप भी लगाया. अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप लेता दिखाई दे रहा है.
अखिलेश यादव ने दी थी पोस्ट हटाने की चेतावनी
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को संबोधित करते हुए कहा था कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सांसदों को समान संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं. उन्होंने भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए निशिकांत दुबे को 10 मिनट के भीतर कथित "झूठी पोस्ट" हटाने की चेतावनी दी थी. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पोस्ट नहीं हटाई गई तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अखिलेश ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने इस कथित भ्रामक पोस्ट को साझा किया है, वे भी उसे हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
PDA को बदनाम करने का आरोप, कानूनी लड़ाई तेज
अखिलेश यादव ने भाजपा पर समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष की छवि खराब करने के लिए भ्रामक दावे कर रही है और जनता इसका जवाब देगी. अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं का साथ कोई नहीं देगा और यदि कानूनी कार्रवाई शुरू हुई तो उन्हें लंबे समय तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. उन्होंने अयोध्या के संतों, रामभक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, लोकसभा अध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय और उत्तर प्रदेश की जनता से पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की. अब इस विवाद के राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

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